मुख्य विशेषताएं और जानकारी :
- शुरू हुआ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण
- दूरी लगभग 610 से 672 किलोमीटर
- अनुमानित लागत : ₹35,000 करोड़ से अधिक
- वाराणसी से कोलकाता 14 घंटे की जगह 6 घंटे में
- मार्च 2028 तक पूरी तरह चालू करने की योजना
कोलकाता : काशी से कोलकाता तक का सफर अब रोमांच के साथ-साथ पूरी तरह बदलने वाला है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे 672 किलोमीटर लंबे वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड सिक्सलेन एक्सप्रेसवे के धरातल पर उतरने के बाद यह सफर आधा हो जाएगा। वर्तमान में वाराणसी से कोलकाता पहुंचने में 12 से 13 घंटे का समय लगता है, जो इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद घटकर महज 5 से 6 घंटे रह जाएगा। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच निर्बाध सड़क संपर्क बेहतर होगा।
वाराणसी के रिवासा से कोलकाता तक ऐसा होगा रूट
यह छह लेन का ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में वाराणसी के रिवासा से शुरू होकर चंदौली होते हुए आगे बढ़ेगा। इसके बाद यह बिहार के चार जिलों कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया से गुजरेगा। बिहार से निकलकर यह रूट झारखंड के चतरा, हजारीबाग, रांची, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ पहुंचेगा। हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों को जोड़ते हुए अंततः कोलकाता में समाप्त होगा। इस कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल सीधे पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और बंदरगाह नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
















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