कोलकाता: सनातन धर्म और संस्कृति को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एकबार और स्पष्ट कर दिया है कि जो सनातनी नहीं हैं वो सनातन धर्म और संस्कृति से जुड़े आयोजनों से दूर रहें। बुधवार को कोलकाता के बाबूघाट में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के इंतज़ामों की समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ ही दिनों के भीतर दोबारा इस आशय का बयान दिया है। उन्होंने मूर्ति विसर्जन को लेकर ऐसी टिप्पणी की जिससे सियासी और हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो सनातन धर्म को मानते हैं, वही मूर्ति को हाथ लगाएंगे। उन्होंने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के समय हिंदू परंपरा और विरासत के बारे में बात करते हुए यह बात कही।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने दुर्गापूजा के दौरान वामपंथी बुक स्टाल लगाने को लेकर ऐसा ही कुछ कहा था। मुख्यमंत्री ने कहा था -”पश्चिम बंगाल से पूरी तरह खत्म हो चुकी पार्टी को प्रासंगिक बनाने की कोई जरूरत नहीं है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस संबंध में सही रुख अपनाया है। जो लोग दुर्गा पूजा या किसी भी पूजा-अनुष्ठान को नहीं मानते, जो हमारे सनातन वेद, उपनिषद और श्रीमद्भगवद्गीता का सम्मान नहीं करते, उन्हें पावन दुर्गा पूजा के दौरान अपने राजनीतिक किताबों के स्टॉल लगाने की अनुमति न देना ही बेहतर है।” शुभेंदु अधिकारी के इन बयानों को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीति शुरू हो गई है।
बाबूघाट पर शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पवित्रता बनाए रखने के लिए हमें अपनी परंपरा, रीति-रिवाज, शास्त्रों को मानना होगा, जो हज़ारों सालों से चले आ रहे हैं। यह एक धार्मिक रस्म है। बेशक, त्योहार तो है लेकिन त्योहार सेकेंडरी हैं। प्राइमरी बात धार्मिक परंपरा को सही तरीके से बनाए रखना है। मैंने तो यहां तक कहा है कि जो लोग यहां माता को ले जाएंगे, उनका नाम, पहचान रखेंगे। सिर्फ सनातन को मानने वाले ही मूर्ति को हाथ लगाएंगे। इसमें कोई कम्युनलिज़्म नहीं है।
विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट
पश्चिम बंगाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट रखा गया है। कोलकाता के चोरबागान में पंडाल हादसे के बाद पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के मद्देनजर विसर्जन को लेकर पूरी चौकसी बरती जा रही है। खुद मुख्यमंत्री भी दुर्गा विसर्जन घाटों का दौरा कर इंतजामों का जायजा ले रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद और कोलकाता म्युनिसिपल कमिश्नर स्मिता पांडे के साथ, अधिकारी ने बाबूघाट में इंतज़ामों का जायज़ा लिया और बिजय दशमी पर विसर्जन प्रोसेस को आसानी से चलाने के तरीकों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा, “और भी सावधानी बरती गई है, और सिक्योरिटी इंतज़ाम मज़बूत किए गए हैं। NDRF भी सिक्योरिटी इंतज़ामों में शामिल है। विसर्जन खत्म होने के बाद सफ़ाई का काम किया जाएगा।”
18 आईपीएस अधिकारी तैनात
कोलकाता और आसपास के तीन पुलिस कमिश्नरेट में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की निगरानी के लिए 18 आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों को तैनात किया है। अधिकारियों ने बताया कि इन 18 अधिकारियों में से 12 को कोलकाता में तैनात किया गया है जबकि छह अन्य अधिकारी हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर आयुक्तालयों में विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, ”ये आईपीएस अधिकारी बुधवार से 24 अक्टूबर तक विसर्जन गतिविधियों की निगरानी करेंगे। सभी अधिकारियों के लिए अलग-अलग ड्यूटी कार्यक्रम तैयार किया गया है।”
किस अधिकारी की कहां तैनाती?
उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस क्षेत्र में आईपीएस अधिकारी गौरव शर्मा, सोमा दास मित्रा, राशिद मुनीर खान, आकाश मघारिया, सुरेश कुमार चाडिवे और धृतिमान सरकार 21 और 23 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे। अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, इमरान वहाब, शीश राम झाझरिया, सौम्या रॉय, पारिजात बिस्वास और सिद्धार्थ धपोला 22 और 24 अक्टूबर को शहर में विसर्जन ड्यूटी पर रहेंगे।
हावड़ा पुलिस जिले में इंद्र चक्रवर्ती 21 और 23 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे जबकि अवुरू रवींद्रनाथ 22 और 24 अक्टूबर को ड्यूटी पर रहेंगे। पलाश चंद्र धाली और द्युतिमान भट्टाचार्य को बैरकपुर में तैनात किया गया है जबकि अभिजीत बनर्जी और संदीप मंडल चंदननगर में विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
राज्यपाल और सीएम ने दी बधाई
वहीं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन.रवि और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लोगों को बुधवार को विजयादशमी की बधाई दी और सभी के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। राज्यपाल रवि ने अपने संदेश में इस अवसर को बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत का प्रतीक बताया, जो देवी दुर्गा की महिषासुर पर और भगवान राम की रावण पर विजय में परिलक्षित होती है।
मुख्यमंत्री ने बुराई के विनाश और परोपकारी शक्तियों की जीत की कामना की। साथ ही, उन्होंने बंगाल की विरासत, सद्भाव और भाईचारे पर जोर दिया। राज्य के लोगों को हार्दिक बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के लिए सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने यह आशा जताई कि बंगाल की विरासत, सद्भाव और भाईचारे के बंधन और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा, ”शुभो बिजोया।”
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सनातनी बयान से बढ़ी सियासी हलचल














Leave a Reply