कोलकाता : चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ मचने के लिए माईक पर की जाने वाली एक घोषणा को मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस घोषणा से ही भगदड़ मची और 19 लोगों की जान चली गई। 25 लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद अब इसकी पड़ताल हो रही है। सबसे बड़ा सवाल माइक से हुई उस घोषणा पर है, जिसमें पंडाल की हालत खराब होने और उसके गिरने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस अब पता लगा रही है कि यह ऐलान किसने किया और क्यों किया? और अगर यह पूजा समिति ने किया तो इस तरह क्यों किया कि लोगों में घबराहट पैदा हो।
माइक से किसने जारी की पंडाल गिरने की चेतावनी?
पुलिस को एक वीडियो मिला है। इसमें माइक से लोगों को पंडाल से बाहर निकलने के लिए कहा जा रहा है। घोषणा में पंडाल की हालत खराब होने और उसके गिरने की आशंका जताई गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घोषणा से लोगों में घबराहट फैलने की आशंका है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि ऐलान किसने किया और उसके पीछे क्या वजह थी। अभी यह साबित नहीं हुआ है कि किसी ने जानबूझकर झूठी अफवाह फैलाकर भगदड़ कराई।
आकाशीय बिजली की तेज आवाज, बारिश, भीड़ और एक ही निकास द्वार
शनिवार शाम करीब 7:40 बजे हादसा हुआ। उस समय आकाशीय बिजली की तेज आवाज के साथ तेज बारिश के बीच पंडाल में आने वाले लोगों की भीड़ बढ़ गई थी। पंडाल में पहुंचने वाली गलियां संकरी थीं और वहां केवल एक ही निकास द्वार था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई रस्सियां भी हट गई थीं। जैसे ही तेज बारिश शुरू हुई, बाहर के लोग अंदर आने के लिए दबाव बनाने लगे. वहीं, अंदर मौजूद लोग बारिश की वजह से बाहर नहीं निकलना चाहते थे। इससे अंदर आने और बाहर जाने वाले लोगों के बीच दबाव बढ़ा और उसी दौरान माईक पर गलत घोषणा से भगदड़ मचने की संभावना बताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने कहा, “बारिश की वजह से प्रेशर कुकर जैसी स्थिति बन गई थी. जब अचानक बारिश शुरू हुई, तो स्थिति नाज़ुक हो गई।” मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक़, एक निजी सुरक्षा एजेंसी की घोषणा और कुछ लोगों के सीटी बजाने के बाद भगदड़ शुरू हुई।
चोरबागान पंडाल में अफवाह किसने फैलाई?















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