“घुसपैठियों को हर हाल में बांग्लादेश जाना ही होगा”
रायगंज: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कथित घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें होल्डिंग स्टेशनों में रखेगी और फिर वापस बांग्लादेश भेजेगी। उन्होंने घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजने का संकल्प जताते हुए सीमावर्ती इलाकों में अवैध मदरसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश की सीमा से लगे उत्तर दिनाजपुर जिले में हिंदू शरणार्थियों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत दायर 9000 आवेदनों पर सुनवाई पूरी करने के लिए 30 नवंबर की समयसीमा भी तय की।
CAA के तहत लंबित आवेदनों पर सुनवाई 30 नवंबर तक पूरी करें
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उत्तर दिनाजपुर जिले के अपने पहले दौरे में शुभेंदु अधिकारी ने रायगंज में एक प्रशासनिक बैठक की और जनसभा को संबोधित किया। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि सीएए के तहत लंबित आवेदनों पर सुनवाई 30 नवंबर तक पूरी कर ली जाए। उन्होंने बांग्लादेश में कथित तौर पर धार्मिक पहचान के कारण वहां से निकाले गए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं शरणार्थियों को सीएए के प्रमाणपत्र दूंगा। मैंने जिलाधिकारी से कहा है कि ऐसे लोगों के 9000 आवेदन हैं, जिन्हें जमातियों ने सिर्फ हिंदू होने के कारण बांग्लादेश से बाहर निकाल दिया था। हम उन्हें सीएए के तहत नागरिकता देंगे। सुनवाई 30 नवंबर तक पूरी हो जानी चाहिए।
अमित शाह को लौह पुरुष बताया
बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाला उत्तर दिनाजपुर जिला घुसपैठ, नागरिकता और सीमा प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहसों में अक्सर चर्चा में रहा है। उन्होंने सीएए के तहत अब तक आवेदन नहीं करने वाले हिंदू शरणार्थियों से तुरंत आवेदन करने की अपील की। शुभेंदु ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए उन्हें देश का लौह पुरुष बताया और कहा कि शाह ने ही उन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र जारी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि रायगंज जेल में बांग्लादेश का एक भी हिंदू शरणार्थी नहीं रहना चाहिए। कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए।
रायगंज में एम्स और जलपाईगुड़ी में कैंसर अस्पताल
शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार रायगंज में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। उन्होंने जलपाईगुड़ी में पूर्ण सुविधाओं वाले कैंसर अस्पताल की स्थापना की योजना की भी घोषणा की। नदिया जिले के कल्याणी में पहले से ही एम्स संचालित है। उन्होंने प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद एक कार्यक्रम में कहा, “पश्चिम बंगाल सरकार ने रायगंज के दिकनगर में एम्स की स्थापना के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने का फैसला किया है।” उत्तर बंगाल में एम्स की स्थापना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधानसभा चुनाव के वादों में से एक था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का ब्योरा दिया और जलपाईगुड़ी में पूर्ण सुविधाओं वाले कैंसर अस्पताल की स्थापना की योजना की भी घोषणा की।















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