“दूसरे का हक लूटने वाले के घर का भोजन करने से पाप लगता है”
कोलकाता : भजन करने के लिए जंगल में जाने के लिए जरूरत नहीं। घर में रहकर ऐसा भजन करो कि घर वृंदावन बन जाए। वृंदावन का पत्ता-पत्ता कृष्ण-कृष्ण का जाप करता है। सोते समय प्रभु से प्रार्थना करो कि वह मेरे सपने में आयें। विदुर की पत्नी सुलभा 12साल तक कृष्ण की प्रतीक्षा में उनका भजन करती रही। विदुर जी विदुरानी से बोले श्रीकृष्ण हस्तिनापुर शान्तिदूत बनकर आ रहे हैं, दुर्योधन को समझाने के लिए। दुर्योधन भी दासीपुत्र कहता है पर कृष्ण मुझे चाचा कहता है। कृष्ण दुर्योधन को बहुत समझाए पर सूई की नोक के बराबर भी भूमि देने के लिए तैयार नहीं हुआ। अंतत: कृष्ण जाने लगे तो दुर्योधन बोला भोजन करके जाइए। कृष्ण ने दुर्योधन का छप्पन भोग छोड़कर विदुरानी के घर केले के छिलके और साग बड़े प्रेम से खाए। कृष्ण ने संदेश दिया कि जो दूसरे का हक और पैसा लूटा हो उसके घर भोजन करने से पाप लगता है। संभव हो तो किसी संत के आश्रय में रहना चाहिए। कपिल भगवान ने मां देवहुति से कहा कि जीते जी सुख, शान्ति और गोविन्द का स्पर्श पाना है तो सत्संग करो। संतों का संग भगवान से मिलवा देता है।
ये बातें राजस्थान गौ कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा पर प्रवचन करते हुए परम पूज्य आचार्य श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’ ने गणपति राजेश सभागार में कहीं। इस अवसर पर साध्वी गोपाल सरस्वती दीदी ने कहा कि गाय बचेगी तो देश बचेगा। गाय की सेवा प्रभु की सेवा है। हमारा दुर्भाग्य है, देश की आजादी के बावजूद गाय हत्या बंद नहीं है। आयोजन समिति के सदस्य सिद्धार्थ दीवान ने जानकारी दी कि यह श्रीमद्भागवत कथा सुरभि सदन गौशाला के निर्माण, विकास और संचालन हेतु आयोजित की गई है। इस अवसर पर राधेश्याम गोयनका, ओम जालान, सीता गोयल, शशि कुमार गोयल, जेपी अग्रवाल, सी एस शारडा, मनोज अग्रवाल, निर्मल सराफ, तन्मय छापड़िया, उमंग छापड़िया, विमल केडिया, दीनानाथ गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, वीणा-अशोक चूड़ीवाल, राम कथावाचक पुरुषोत्तम तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कथा को सफल बनाने में ट्रस्टीगण के संग राहुल दीवान, रमेश अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल सहित गो सेवक परिवार के सदस्य सक्रिय रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय मस्करा ने किया।
भजन करो और घर को ही बना लो वृंदावन : श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’















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