*भारत में ग्रामोफ़ोन रिकॉर्डिंग के 125 साल *
कोलकाता : कोलकाता की प्रसिद्ध संस्था ‘सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन’ और गुरुग्राम की संस्था “द परफॉर्मिंग आर्ट ट्राइब’ की ओर से एक अक्टूबर को देश की पहली ग्रामोफ़ोन लेडी गौहर जान की स्मृति में आई सी सी आर के सत्यजित सभागार में एक अनोखा डांस ड्रामा” तवायफ़नामा” पेश करेगी और स्त्री सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण में भूली बिसरी गायिकाओं के योगदान को रेखांकित करेगी। गौरतलब है कि देश में ग्रामोफ़ोन की पहली रिकॉर्डिंग 11 नवंबर 1902 को कलकत्ता में गौहर जान के गाने के साथ हुई थी। इस तरह अब इस संगीत यात्रा के 124 वर्ष पूरे हो गए और 125 वां वर्ष शुरू हो रहा है।इस आयोजन में दिल्ली की संस्था रज़ा फाउंडेशन, भारतीय विद्या भवन, कोलकाता तथा स्त्री दर्पण का सहयोग मिल रहा है। इस समारोह में हिंदी के वरिष्ठ कवि पत्रकार विमल कुमार की कविताओं की पुस्तक “तवायफ़नामा पर आधारित एवं रंगकर्मी सोमा बनर्जी के निर्देशन में यह डांस ड्रामा पेश किया जायेगा.

भारतीय विद्या भवन के निदेशक मृत्युंजय कुमार सिंह ने शुभकामना संदेश में कहा कि यह हम सबके लिए प्रसन्नता की बात है कि हम लोग इस समारोह के बहाने गौहर जान ,जद्दन बाई और अख्तरी बाई जैसी महान गायिकाओं को याद कर रहे हैं जिन्होंने संगीत के इतिहास में ही नहीं स्त्री सशक्तिकरण की एक मिसाल कायम की है। कोलकाता बनारस और लखनऊ की तरह देश का सांस्कृतिक साहित्यिक केंद्र है। नई पीढ़ी को इस विरासत से अवगत कराने में इस समारोह से मदद मिलेगी.
सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन के प्रमुख संजय जायसवाल और स्त्री लेखा पत्रिका के संपादक अरविन्द कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बीते जमाने की मशहूर अदाकारा मधुबाला की समकालीन वनमाला की शिष्य सोमा बनर्जी के निर्देशन में एक घंटे का यह शो होगा जिसमें बारह महिला कलाकार भाग लेंगी।








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