मुख्य बातें :
- बंगाल की खाड़ी में उठ रहा तूफान
- कुल ग्यारह राज्यों में असर होने की आशंका
- वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा
कोलकाता : बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान दस्तक देने लगा है। अगले सप्ताह लो प्रेशर के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो तटवर्ती राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ ही तेज हवा चल सकती है। बंगाल की खाड़ी में इस साल कई बार लो प्रेशर बनने की घटनाएं हो चुकी हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने अब एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी में नया तूफान सक्रिय होने की संभावना जताई है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसों राज्यों में इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह मौसम प्रणाली 24 अक्टूबर तक डिप्रेशन और 25 अक्टूबर तक गहरे अवदाब में बदल सकती है। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश हो सकती है।
आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से शुक्रवार को कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ। इसके उसी क्षेत्र में बने रहने और शनिवार तक अवदाब में तीव्र होने की संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 25 अक्टूबर को डीप डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के कारण बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव होगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने शुक्रवार को 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान बिहार में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई जगहों पर वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने की भी आशंका है। ऐसे में जनजीवन अस्तव्यस्त हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के दौरान बिहार के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और कुछ स्थानों पर 29 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है। साथ में मेघगर्जन, वज्रपात और झोंकेदार हवा चलेगी।














Leave a Reply