नाना पाटेकर के निधन पर PM मोदी समेत नेताओं और फिल्म जगत ने जताया शोक

हाईलाइट्स :

1. ऐसे किरदार निभाए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा – PM

2. अपने अभिनय से कई किरदारों को अमर कर दिया – गडकरी

3. शरद पवार ने ‘नाम फाउंडेशन’ के काम को याद किया

4. रितेश देशमुख ने बताया ‘एक युग का अंत’

मुम्बई : बॉलीवुड के दिग्गज एक्‍टर नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं हैं। यह चौंकाने वाली और दिल दुखाने वाली घटना गुरुवार, 08 अक्‍टूबर की सुबह-सुबह आई, जिसने करोड़ों फैंस और पूरे देश को स्‍तब्‍ध कर दिया है। 75 साल की उम्र में उनकी मौत कार्डियक अरेस्‍ट से हुई। वह गोवा में अपने घर पर बेहोशी की हालत में मिले, जिसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्‍टर नाना की जान नहीं बचा पाए। नाना पाटेकर का अंत‍िम संस्‍कार पुणे में उनके फार्महाउस पर शाम 4 बजे राजकीय सम्‍मान के साथ होना है। पोस्‍टमॉर्टम के बाद पार्थ‍िव शरीर को गोवा से पुणे ले जाया जा रहा है।

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था, जिन्हें सिनेमा की दुनिया नाना पाटेकर के नाम से जानती है। वह हिंदी और मराठी सिनेमा के सबसे चर्चित और दिग्‍गज अभिनेताओं में शामिल थे। नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उन्‍हें आख‍िरी बाद पर्दे पर इसी साल शाहिद कपूर के साथ ‘ओ रोम‍ियो’ में देखा गया था।

नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे। वह फिल्म निर्माता, निर्देशक और लेखक भी रहे। उन्‍होंने साल 1978 में आई फिल्म ‘गमन’ से हिंदी सिनेमा में डेब्‍यू किया था। उसी दौर में उन्होंने मराठी फिल्‍मों में भी काम किया। साल 1988 में मीरा नायर की फिल्म ‘सलाम बॉम्बे!’, 1989 में रिलीज हुई ‘परिंदा’ ने उन्‍हें पॉपुलैरिटी दी। इस फिल्म में गैंगस्टर की भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रधांजलि

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राजनीतिक और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। नेताओं और कलाकारों ने उनके दमदार अभिनय, बेबाक व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नाना पाटेकर का बृहस्पतिवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। हिंदी और मराठी सिनेमा में पांच दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहे पाटेकर अपनी बहुमुखी भूमिकाओं, प्रभावशाली संवाद अदायगी और दमदार अभिनय के लिए जाने जाते थे।

पीएम मोदी बोले- गहरा खालीपन पैदा हुआ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में उनके जैसी अभिनय की गहराई, विशिष्टता और प्रभावशाली मौजूदगी देखने को मिलती है। मोदी ने कहा कि पाटेकर ने अपनी हर भूमिका में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता दिखाई तथा ऐसे किरदार निभाए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर अपने बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहे जाते थे और जिन बातों पर विश्वास करते थे, उन्हें खुलकर कहने से कभी नहीं हिचकिचाते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान अतुलनीय था और उनके निधन से गहरा खालीपन पैदा हुआ है।

गडकरी ने याद किया पांच दशक का फिल्मी सफर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके और नाना पाटेकर के बीच बेहद करीबी और मित्रतापूर्ण संबंध थे। उन्होंने कहा कि नाना ने अपने दमदार अभिनय के जरिए पांच दशक से अधिक समय तक मराठी और हिंदी फिल्मों के दर्शकों के दिलों पर राज किया। गडकरी ने नाना की खास संवाद शैली को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने अभिनय से कई किरदारों को अमर कर दिया और अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अभिनेता के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया। गडकरी ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल संचयन के लिए उनका काम उल्लेखनीय था। किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी नाना ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रियंका गांधी ने कहा- सामाजिक सरोकारों की प्रतिबद्धता रहेगी याद

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि नाना की दमदार अदाकारी और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जनता की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए शोक-संतप्त परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

नायब सैनी बोले- भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नाना पाटेकर के निधन को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि शानदार अभिनय, प्रभावशाली व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण से नाना ने कला जगत में अमिट छाप छोड़ी। सैनी ने कहा कि उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है और उनकी यादगार भूमिकाएं हमेशा स्मरणीय रहेंगी।

हमेशा लोगों के साथ खड़े रहते थे

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि नाना पाटेकर और अभिनेता मकरंद अनासपुरे ने सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की थी। पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में भीषण सूखे के दौरान फाउंडेशन ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए बड़े स्तर पर काम किया। उन्होंने कहा कि नाना मुश्किल समय में हमेशा लोगों के साथ खड़े रहते थे और उनके नहीं होने की कमी महसूस होगी।

अशोक सराफ बोले- अब भी खबर पर विश्वास नहीं हो रहा

जाने-माने अभिनेता अशोक सराफ ने नाना पाटेकर को अपना बेहद करीबी मित्र बताते हुए कहा कि उन्हें अब भी उनके निधन की खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है। उन्होंने नाना को अनुशासित और स्पष्टवादी व्यक्ति बताया, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। सराफ ने याद किया कि दोनों ने 1978 में ‘हमीदाबाईची कोठी’ नाटक से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि इस नाटक में नाना के प्रभावशाली अभिनय ने फिल्म जगत का ध्यान उनकी ओर खींचा था।

प्रकाश आमटे ने कहा- उनका जाना बेहद पीड़ादायक

सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश आमटे ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। नाना ने मराठी फिल्म ‘प्रकाशवाटा’ में प्रकाश आमटे की भूमिका निभाई थी। आमटे ने बताया कि नाना इस फिल्म की शूटिंग के दौरान करीब एक महीने तक हेमलकसा में रहे थे और वह बाबा आमटे के काम से बेहद प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि नाना उनसे छोटे थे और उनका निधन बेहद पीड़ादायक है।

खबर से उन्हें गहरा सदमा लगा

अभिनेता-निर्माता रितेश देशमुख ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन की खबर से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने कहा कि अभिनय कला में नाना का कोई सानी नहीं था। देशमुख ने बताया कि उन्हें नाना के साथ ‘ब्लफमास्टर’ और ‘हाउसफुल 5’ में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि किसी मराठी फिल्म में नाना के साथ काम करना उनकी हमेशा अधूरी रहने वाली इच्छा रहेगी। देशमुख ने नाना के निधन को ‘वास्तव में एक युग का अंत’ बताया।

13 साल की उम्र में काम करने लगे थे नाना पाटेकर

बॉलीवुड में कई ऐसे अभिनेता हैं, जिन्होंने करियर की शुरुआती दौर में काफी स्ट्रगल किया। नाना पाटेकर भी उनमें से एक थे और जिन्हें 13 साल की उम्र में ही भूख ने एक्टिंग के गुर सिखा दिए। एक इंटरव्यू के दौरान नाना पाटेकर ने अपनी गरीबी के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि भूख व गरीबी के चलते उन्होंने महज 13 साल की उम्र में ही काम करना शुरु कर दिया था। नाना ने कहा – “मैं जीवन में बहुत कम उम्र में 30 साल का हो गया था। स्कूल से आने के बाद मैं 8 किलोमीटर पैदल चलकर चूना भट्टी काम करने जाता था, जहां फिल्मों के पोस्टर्स को पेंट करता था। फिर 8 किलोमीटर चलकर वापिस घर आता था। मुझे दिन में एक बार खाना मिलता था और हर महीने 35 रुपए मिलते थे, जिससे घर का खर्च चलता था।” हालांकि तमाम मुसीबत के बावजूद नाना पाटेकर ने काम और शिक्षा के बीच बैलेंस बनाया। एक्टर ने कहा, ”मैं दिन में काम करता था और फिर स्कूल भी जाता था। मैं 9वीं क्लास में था। मुझे लगता है कि आपके हालात आपकी उम्र तय करती हैं लेकिन एक समय के बाद मैंने अपनी स्थिति को मेरी उम्र तय नहीं करने दी। अब मैं अपनी उम्र तय करता हूं। मैं उतना बूढ़ा हूं जितना मैं होना चाहता हूं।” नाना ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए और दर्शकों के दिल पर एक अलग छाप छोड़ी।

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