नई दिल्ली / कोलकाता : भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 11 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव कराने का ऐलान किया है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन चुनावों के लिए 29 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की जाएगी। मतदान और मतगणना की प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 को होगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से राज्यसभा की खाली होने वाली सीटों के लिए होने वाले चुनाव तथा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 राज्यसभा सीट के सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल में एक सीट इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है।
उत्तर प्रदेश से अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, प्रोफेसर राम गोपाल यादव, रामजी, बीएल वर्मा, सीमा, दिनेश शर्मा और हरदीप सिंह पुरी का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल पूरा हो रहा है। वहीं, उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल भी पूरा होने जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में एक सीट पर उपचुनाव
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक सीट रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है। उन्होंने 16 जुलाई 2026 को इस्तीफा दिया था। उनकी सीट का कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था। आयोग ने इस सीट पर भी 16 अक्टूबर को उपचुनाव कराने का फैसला किया है।
29 सितंबर को जारी होगा चुनाव की अधिसूचना
आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर 2026 को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर होगी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को की जाएगी। उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। तीनों राज्यों में संबंधित सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। मतदान का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
बैलेट पेपर को लेकर भी निर्देश
निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि इन चुनावों में मतपत्र पर वरीयता दर्ज करने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया गया निर्धारित बैंगनी रंग का स्केच पेन इस्तेमाल किया जाएगा। किसी अन्य पेन से वरीयता अंकित नहीं की जा सकेगी। चुनाव प्रक्रिया की करीबी निगरानी के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।














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