बागपत में हत्या कर मंदिर में दबाए थे शव, भिक्षु बनकर पुलिस को झांसा
कोलकाता : बागपत में दो दोस्तों अंकित और इसरार की हत्या के मुख्य आरोपित इनामी पुजारी नरेशनाथ को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया है। जो नेपाल भाग गया था, लेकिन भीषण बाढ़ आने से वापस कोलकाता लौट आया था।
गुमनामी में दिन गुजारने के लिए उसने की बार वेश और जगह बदला, इस बार वह पुलिस से बचने के लिए मंदिर में भिक्षु बनकर रह रहा था। लेकिन, दो दोस्त अंकित और इसरार की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित 25 हजार रुपये के इनामी पुजारी नरेशनाथ को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे लेकर बागपत लौट रही है।

बागपत पुलिस के अनुसार ग्राम सिंगौली तगा से दिव्यांग 27 वर्षीय अंकित और उसका दोस्त 34 वर्षीय इसरार गत 25 जुलाई को बाइक से खेकड़ा जाने के लिए घर से कहकर गए थे। अंकित की बहन भावना ने 29 जुलाई को चांदीनगर थाने में उनके गायब होने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 13 जुलाई की तड़के करीब तीन बजे श्री गणेश मंदिर लहचौड़ा के परिसर में गड्ढे की खोदाई कराकर उन दोनों के शव बरामद किए थे।
पुलिस ने दावा किया था कि मंदिर के पुजारी नरेश नाथ निवासी कुंडेश्वरी थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) ने अपने दो शिष्य उज्ज्वल पांचाल निवासी ग्राम पूरनपुर नवादा व कृष्णा यादव निवासी ग्राम मुलन्ड़ी, थाना (जौनपुर) के साथ मिलकर 25 जुलाई को चाय में नींद की गोलियां खिलाकर और नशीला इंजेक्शन लगाकर अंकित व इसरार की हत्या की है।
इसका पता न चले, इसलिए उन दोनों के शवों को मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबाया, फिर इंटरलाकिंग टाइल्स लगाकर ऊपर धुना जला दिया था। पुलिस ने आरोपित उज्ज्वल पांचाल की निशानदेही पर उन दोनों के शव बरामद किए थे। दूसरे शिष्य कृष्णा यादव को उसके घर से गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपित पुजारी नरेशनाथ फरार हो गया था।















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