नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें सोमनाथ मंदिर के आसपास के इलाकों में मांस और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को पकाने, बेचने और स्टोर करने पर प्रतिबंध बरकरार रखा गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से लंबित अपील पर दो महीने के भीतर फैसला करने का प्रयास करने को कहा है। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने छह खाद्य कारोबारियों की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
इन कारोबारियों ने गुजरात हाईकोर्ट के 30 अक्टूबर के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रतिबंधों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्रों के बाहर मांसाहारी भोजन परोसने की अनुमति है। दलीलों पर गौर करने के बाद जस्टिस सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। साथ ही हाईकोर्ट से लंबित अपील का दो महीने के भीतर निपटारा करने का प्रयास करने का अनुरोध किया।
सोमनाथ मंदिर के पास नहीं मिलेगा नॉन-वेज, SC ने बरकरार रखा प्रतिबंध
















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