नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने बुधवार को नई दिल्ली इलाके में चुनाव आयोग (ईसी) के खिलाफ हुए कांग्रेस और इंडिया (आईएनडीआईए) गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से कथित मारपीट, धक्का-मुक्की, बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई बुधवार को जंतर-मंतर की तरफ मार्च करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई तीखी झड़प के बाद की गई है।
ड्यूटी में बाधा और बदसलूकी का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार को प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की घटनाएं सामने आईं। दिल्ली पुलिस द्वारा वीडियो फुटेज खंगालने के बाद यह पाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी काम में बाधा डाली, जिसके बाद कानूनी प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम में सुरक्षाकर्मियों को चोटें भी आई हैं।
आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति घुसने पर भी केस दर्ज
इससे पहले, मंगलवार को भी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए मार्च के दौरान बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में जबरन घुसने और धरना देने के आरोप में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और उनके समर्थकों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस का कहना है कि नई दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) लागू होने के बावजूद बिना अनुमति के यह मार्च निकाला जा रहा था।
नेताओं को हिरासत में लिया गया था
बुधवार को हुए इस भारी ड्रामे और टकराव के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित करीब 90 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें देर रात करीब 8 बजे रिहा किया गया। राहुल गांधी को बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन और प्रियंका गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया था।
















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