बंगाल उपचुनाव में 5 बजे तक 80% से कुछ कम वोट पड़े, कांग्रेस ने दोबारा वोटिंग की मांग की

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दो विधानसभा सीटों के लिए मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का 85% मतदान का दावा शाम पांच बजे तक पूरा नहीं हो सका था और नंदीग्राम में 79.39 प्रतिशत और रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत वोट पड़े थे। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार मतदान का अंतिम आंकड़ा कुछ और अधिक हो सकता है। दोनों सीटों पर कुल करीब 5.24 लाख मतदाता हैं। दोनों सीटों के उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किये जायेंगे।

हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी पर आयोग ने मांगी रिपोर्ट
निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में बूथों के अंदर और बाहर केंद्रीय बलों की तैनाती की गयी थी। रेजीनगर में मतदान के दौरान पुलिस से बहस के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी के संबंध में जिला निर्वाचन कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गयी है।

कांग्रेस ने नंदीग्राम और रेजीनगर में वोटरों को डराने-धमकाने के आरोपों के बाद दोबारा वोटिंग की मांग की। पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मंगलवार को नंदीग्राम और रेजीनगर में पूरी तरह से दोबारा वोटिंग की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटरों को डराया-धमकाया गया और कांग्रेस के पोलिंग एजेंटों को जबरन बाहर निकाल दिया गया। रेजीनगर से कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी ने भी स्थानीय पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया और उपचुनाव रद्द करके दोबारा वोटिंग कराने की मांग की। सरकार ने आरोप लगाया कि रेजीनगर में कांग्रेस एजेंटों को बूथ से जबरन बाहर निकाल दिया गया, जबकि नंदीग्राम के उम्मीदवार मिलन प्रधान ने दावा किया कि उपचुनाव में कथित तौर पर “वोट-लूट” हुई और पुलिस व सुरक्षा बलों ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की।

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