सिंडिकेट और रंगदारी के मुद्दे पर भाजपा के मंत्री और पार्टी विधायक की नोकझोंक
कोलकाता। सत्ता में आने के कुछ ही महीनों बाद बंगाल भाजपा में नेताओं की आपसी लड़ाई शुरू हो चुकी है। यह रोग प्रदेश से लेकर जिला संगठन तक फैल रहा है। प्रदेश अध्यक्ष श्रमिक भट्टाचार्य और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी इसे भली भांति परिचित हैं। दोनों यह मानते हैं कि यह शुरुआती दौर है और इसी समय अगर इस रोग का इलाज नहीं किया गया तो यह नासूर के रूप में पूरे प्रदेश संगठन को अपनी चपेट में ले लेगा।

समस्या केवल एक नहीं है बल्कि कई समस्याएं हैं। चुनाव के दौरान दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए नेताओं को तरजीह दिए जाने को लेकर भी पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक वर्ग निराश हो रहा है। ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अपनी कमियों को छुपाने के लिए सैकड़ों तथाकथित नेता दूसरी पार्टी से भाजपा में आए हैं। अगर रंगदारी और सिंडिकेट से पैसे कमाने वाले वो नेता, भाजपा में अपने लाभ के लिए आए हैं तो पार्टी के दूसरे पुराने लोग भी उससे प्रभावित होंगे।
वर्षों से पुलिस की लाठी खाकर और झूठे मुकदमे में अदालत के चक्कर लगाने के बाद भी बीजेपी में बने रहे बंगाल भाजपा के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि अपनी ही पार्टी के मंत्रियों और कुछ पदाधिकारी के द्वारा उनको नजरअंदाज किया जा रहा है। हाल के दिनों में इस प्रकार की कई घटनाएं भी सामने आई हैं। ताजा घटना दमदम पार्क इलाके की है –
कोलकाता के दमदम पार्क में भाजपा की बैठक के दौरान मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय और विधायक पीयूष कनोरिया के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कोलकाता से सटे दमदम पार्क में भाजपा की बैठक के दौरान राज्य के मंत्री और विधाननगर के विधायक शारद्वत मुखोपाध्याय तथा राजारहाट-न्यूटाउन के विधायक पीयूष कनोरिया के बीच तीखी नोकझोंक हुई। शारद्वत के विधायक दरबार में पीयूष अचानक पहुंचे और बाद में सिंडिकेट, रंगदारी तथा ठेके से जुड़े मामलों को लेकर मंत्री के सामने सवाल उठाए।
हुआ यूं कि दक्षिण दमदम नगरपालिका के 28 नंबर वार्ड में मंगलवार रात शारद्वत विधायक दरबार में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान पीयूष वहां पहुंचे और आम लोगों के बीच बैठ गए। शारद्वत ने उन्हें मंच पर आने के लिए कहा। इस पर पीयूष ने कहा कि वह दूसरे विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। बाद में शारद्वत के आग्रह पर वह मंच पर उनके पास बैठ गए। बैठक में शारद्वत ने सिंडिकेट और रंगदारी से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता लोगों को है और इसमें किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
बैठक खत्म होने के बाद पीयूष ने माइक्रोफोन लेकर सिंडिकेट को लेकर हालिया घटनाओं का जिक्र किया। वहीं बैठक में पीयूष के पहुंचने को लेकर शारद्वत ने कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से बात कर रहे थे और पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में वह वहां आए थे। वहीं, पीयूष ने कहा कि दमदम पार्क उनका पैतृक इलाका है और वह वहां के निवासी हैं। उन्होंने कहा कि वह नगरपालिका क्षेत्र में किसी को भी लोगों पर अत्याचार नहीं करने देंगे।
बुधवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रियों को विवादों से दूर रहने और अपने काम पर ध्यान देने का कड़ा संदेश दिया। दूसरी तरफ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पीयूष कनोडिया पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं और एक मंत्री के रूप में शारद्वत मुखोपाध्याय को भी अपना काम करना चाहिए।












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