, पश्चिम बंगाल, सॉल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें राज्य अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य तथा भवानीपुर और नंदीग्राम के भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी उपस्थित थे।
पत्रकार सम्मेलन की शुरुआत में हनुमान जयंती के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी गईं तथा विभिन्न स्थानों पर शांतिपूर्ण शोभायात्राओं एवं धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी गई।
इस बैठक में वरिष्ठ राजनीतिक व्यक्तित्व एवं किसान आंदोलन के नेता कनाई मंडल के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा की गई। वे पूर्व में वाम मोर्चा एवं तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हैं तथा लंबे समय से मुर्शिदाबाद जिले में संगठनात्मक कार्य कर रहे थे। उनके इस शामिल होने को भाजपा के उत्तर बंगाल, विशेषकर मुर्शिदाबाद में संगठनात्मक शक्ति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
राज्य अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने राज्य की हालिया स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही योजनाबद्ध तरीके से अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार चल रही इस प्रक्रिया को बाधित करने के लिए धार्मिक विभाजन पैदा किया जा रहा है तथा प्रशासनिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं में व्यवधान डाला जा रहा है।
उन्होंने उल्लेख किया कि मालदा के सुजापुर में मतदाता सत्यापन प्रक्रिया के दौरान न्यायाधीशों को लंबे समय तक घेरकर उन पर हमला किया गया, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने आगे दावा किया कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच संपर्क बाधित करने के एक बड़े, संगठित प्रयास का हिस्सा है।
उन्होंने अवैध घुसपैठ, सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए कहा कि लंबे समय से एक ‘साइलेंट डेमोग्राफिक इनवेज़न’ चल रहा है, जो राज्य के सामाजिक एवं प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित कर रहा है।
विपक्ष के नेता श्री अधिकारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि राज्य में न्यायपालिका पर लगातार हमले हो रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने पूर्व की विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायाधीशों को धमकी, अदालत परिसरों में अशांति तथा जांच प्रक्रियाओं में बाधा डालने की घटनाएं बार-बार सामने आई हैं।
उन्होंने सुजापुर की घटना को ‘संगठित अपराध’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व की संलिप्तता है। उन्होंने इसमें शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विभिन्न स्थानों पर भाजपा प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है और प्रशासन का एक हिस्सा निष्पक्ष रूप से कार्य नहीं कर रहा है।
पत्रकार सम्मेलन में नेताओं ने दावा किया कि राज्य में परिवर्तन के पक्ष में जनमत स्पष्ट है और आगामी चुनावों में इसका प्रतिबिंब देखने को मिलेगा।












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