पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, बिधान भवन में राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रेस को संबोधित किया।
मुख्य बिंदु
डॉ. सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों से अधिक समय से टीएमसी और उससे पहले 30 वर्षों से अधिक समय तक सीपीएम का शासन रहा, लेकिन आम जनता की स्थिति लगातार खराब हुई है। बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं का पलायन गंभीर समस्या बन चुका है।
उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों के मद्देनज़र जनता टीएमसी के कुशासन और केंद्र में बीजेपी की उपेक्षा से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
डॉ. सिंह ने “सिंडिकेट राज” का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और निर्माण कार्यों पर परोक्ष नियंत्रण के कारण पारदर्शिता खत्म हो रही है और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।
उन्होंने शारदा चिटफंड घोटाला, राशन घोटाला और शिक्षक भर्ती घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि ये शासन की विफलता और भ्रष्टाचार के उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों के लिए योजनाओं में भी भ्रष्टाचार है और गरीबों को उनका हक नहीं मिल रहा है। राज्य पर कर्ज बढ़ रहा है और हर नागरिक 1–2 लाख रुपये के बोझ तले दबा है।
औद्योगिक गिरावट पर उन्होंने टाटा समूह के राज्य से बाहर जाने का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशक अब यहां आने से हिचक रहे हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल पिछड़े राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और सांप्रदायिक तनाव पर चिंता जताई।
डॉ. सिंह ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव किया जा रहा है और योजनाओं के फंड रोके जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और समाज में विभाजन की राजनीति का भी आरोप लगाया।
अंत में उन्होंने कहा कि टीएमसी और बीजेपी दोनों ही जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।
कांग्रेस की दृष्टि और अपील
डॉ. सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय और डॉ. बी.सी. रॉय के शासन को याद करते हुए कहा कि उस समय बंगाल देश के सबसे विकसित राज्यों में था।
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल दौरे के दौरान कांग्रेस नेतृत्व के प्रति लोगों का विश्वास दिखा है और इस बार कांग्रेस निर्णायक भूमिका निभाएगी।
उन्होंने जनता से कांग्रेस को समर्थन देने की अपील की।
कांग्रेस के वादे
- “दुर्गा बहन योजना” के तहत महिलाओं को ₹2000 प्रति माह
- 200 यूनिट मुफ्त बिजली
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
- कानून व्यवस्था की बहाली
- प्रेसिडेंसी कॉलेज जैसे संस्थानों का पुनरुद्धार
महिला आरक्षण बिल पर टिप्पणी
डॉ. सिंह ने कहा कि 2023 का महिला आरक्षण बिल पारित तो हुआ, लेकिन इसे लागू करने में देरी की जा रही है और यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने पश्चिम बंगाल की जनता से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील की।
इस अवसर पर एआईसीसी मीडिया कोऑर्डिनेटर सुजाता पॉल मालिया, पश्चिम बंगाल मीडिया चेयरपर्सन मीता चक्रवर्ती, वरिष्ठ प्रवक्ता चंदन घोष चौधरी और राष्ट्रीय समन्वयक अक्षय सिंह उपस्थित थे।












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