उत्तर हावड़ा में बीजेपी की चार्जशीट से सियासत तेजभाजपा प्रत्याशी उमेश राय ने उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे

हावड़ा। उत्तर हावड़ा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा जारी चार्जशीट के जरिए क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की कथित विफलताओं को प्रमुखता से उठाया गया है। इस चार्जशीट को लेकर बीजेपी प्रत्याशी उमेश राय जनता के बीच जाकर इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में उमेश राय मात्र 5,522 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। इस बार वे पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में हैं। उनका दावा है कि इस बार परिस्थितियां बदली हैं और जनता बदलाव चाहती है।

बीजेपी की चार्जशीट में उजागर हुए मुद्दे
बीजेपी की ओर से जारी चार्जशीट को जनता के सामने रखते हुए उमेश राय ने कहा कि उत्तर हावड़ा की जनता वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन जी रही है। उन्होंने बताया कि हल्की बारिश में ही क्षेत्र के लगभग 70 प्रतिशत हिस्सों में जलजमाव हो जाता है, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 200 करोड़ रुपये की जलनिकासी योजनाएं धरातल पर नजर नहीं आतीं।
स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी बीजेपी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उमेश राय ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में न तो नए सरकारी अस्पताल, कॉलेज या आईटीआई बनाए गए और न ही स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ। सरकारी स्कूलों की स्थिति भी बेहद खराब है। सलकिया फ्लाईओवर परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुआवजा दिए जाने के बावजूद यह परियोजना अब तक फाइलों में ही अटकी हुई है। वहीं, सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में हावड़ा को देश के सबसे गंदे शहरों में गिना गया, जो प्रशासन की असफलता को दर्शाता है।

रोजगार और उद्योगों पर चिंता
बीजेपी की चार्जशीट का हवाला देते हुए उमेश राय ने कहा कि उत्तर हावड़ा, जो कभी रोजगार का बड़ा केंद्र था, आज बंद पड़े कारखानों और कुटीर उद्योगों के पतन से जूझ रहा है। इससे युवाओं में बेरोजगारी और निराशा बढ़ी है। नगर निगम चुनावों में देरी को लेकर भी उन्होंने टीएमसी को घेरा और कहा कि इससे शहर में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है तथा नागरिक सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। अवैध निर्माण के मामलों को भी उन्होंने प्रशासनिक विफलता का प्रमाण बताया।

परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था पर सवाल
उमेश राय ने बीजेपी की चार्जशीट के आधार पर “आलो” दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्र और “साइलेंस” मुर्दाघर की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। साथ ही 280 करोड़ रुपये के “सत्यबाला जल ट्रीटमेंट प्लांट” प्रोजेक्ट के अधूरे रहने पर भी सवाल खड़े किए। कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।

राज्य सरकार पर हमला, परिवर्तन की अपील
बीजेपी की ओर से जारी चार्जशीट के जरिए उमेश राय ने राज्य स्तर के मुद्दों- जैसे भ्रष्टाचार, घुसपैठ, उद्योगों के बंद होने और बेरोजगारी को भी जनता के सामने रखा। अंत में उन्होंने “पाल्टानो दोरकार चाई बीजेपी सरकार” (बदलाव चाहिए, बीजेपी सरकार चाहिए) का नारा देते हुए कहा कि उत्तर हावड़ा की जनता अब जवाब चाहती है और इस बार परिवर्तन तय है। चार्जशीट के जरिए बीजेपी ने जहां सरकार को घेरा है, वहीं प्रत्याशी उमेश राय इसे जनता तक पहुंचाकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं। अब देखना होगा कि इन मुद्दों का मतदाताओं पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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