शिक्षा,सेवा,साधना,सहयोग एवं समर्पण’ के प्रतिमूर्ति श्रीसरदारमल कांकरिया

शिक्षा,सेवा,साधना,सहयोग एवं समर्पण’ के प्रतिमूर्ति श्री
सरदारमल कांकरिया जी का हुआ सम्मान।श्री जैन विद्यालय हावड़ा के शिक्षकों ने कांकरिया जी को कर्मदाता सम्मान से सम्मानित किया।इस अवसर पर उपस्थित रहे एस एस जैन सभा के अध्यक्ष श्री विनोद मिन्नी, विद्यालय के सचिव ललित कांकरिया,समाज सेवी राजेंद्र रामपुरिया,सुप्रसिद्ध समाजसेविका शशि कांकरिया,श्री जैन बालिका विभाग की प्रधानाध्यापिका मौसमी घोषाल,बालक विभाग की प्रिन्सिपल इंदु जोसफ चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग।सम्मान समारोह में शिक्षकों ने शॉल,अभिनंदन पत्र,स्मृति चिन्ह,महावीर स्वामी की मूर्ति,उनके तस्वीरों से सजे एल्बम आदि देकर सम्मानित किया।
98 वर्षीय प्रेरणादायक भारतीय समाजसेवी हैं, जो निस्वार्थ सेवा, कर्मयोग और जन कल्याण के प्रति समर्पित जीवन के लिए जाने जाते हैं।उनका मूल मंत्र “ना तन सेवा,ना मन सेवा, ना जीवन और ना धन सेवा, मुझे है इष्ट जन सेवा” है,
महान शिक्षानुरागी, निष्काम कर्मयोगी,असाधारण समाजसेवी, मानवतावादी विचारक श्री कांकरिया जी जनकल्याण,समाजसेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्रचार प्रसार के लिए विख्यात हैं।कोलकाता एवं हावड़ा शहर में इन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में श्री जैन विद्यालय कोलकाता,श्री जैन विद्यालय हावड़ा(बालक विभाग),श्री जैन विद्यालय हावड़ा (बालिका विभाग),श्री तारा देवी हरखचंद कांकरिया जैन कॉलेज काशीपुर,कुसुम देवी सुन्दर लाल दुगड जैन डेंटल कॉलेज,जगतदल श्री जैन विद्यालय,कमला देवी सोहन राज सिंघवी जैन बीएड कॉलेज,श्री जैन फ्यूचरिस्टिक इंटरनेशनल अकैडमी जैसी अनेकों शिक्षण संस्थाओं की स्थापना की एवं मार्गदर्शन किया जो आज कोलकाता में अपना एक विशिष्ट एवं महत्पूर्ण स्थान रखता है एवं हजारों की संख्या में लोग इनके द्वारा संस्थानों से जुड़ कर रोजगार प्राप्त किए हुए हैं।हावड़ा जैसे अंचल में जहां स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उन्होंने श्री जैन हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर की स्थापना की जो हावड़ा वासियों के लिए एक वरदान के रूप में साबित हुआ।
उनके प्रयास से राजस्थान,पश्चिम-बंगाल सहित अन्य राज्यों के कई गांव में महिलाओं के लिए लघु-कुटीर उद्योग हेतु संसाधन जैसे सिलाई मशीन आदि उपलब्ध कराए जाते हैं, युवाओं के उच्च शिक्षा हेतु बिना ब्याज के धन की मदद की जाती है, जैन बुक बैंक द्वारा हजारों गरीब विद्यार्थियों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं।गरीबों के लिए राशन की व्यवस्था की गयी है जो प्रत्येक महीने वितरित किया जाता है। संसाधनहीन विद्यालयों को आवश्यकता अनुसार कंप्यूटर,पंखा,ठंडे पानी की मशीन, टेबल-बेंच आदि प्रदान की जाती है।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक प्रतिनिधि संतोष कुमार तिवारी ने कांकरिया जी के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार से उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करने की मांग की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संजय सिंह, प्राणवेश मिश्र, सतीश सिंह,सोमेन चक्रवर्ती,दीपशिखा तिवारी,इंद्राणी गांगुली,सपना चक्रवर्ती,राम पुकार शर्मा,स्वागता सरकार, भावना सिंह, स्वारिता सिंह, जगत नारायण सिंह,कल्पना अग्रवाल, संजय मिश्र, हरीश पाठक, सुपर्णा गोस्वामी,प्रेरणा सिंह आदि की भूमिका अहम रही। मंच का संचालन संतोष कुमार तिवारी ने किया।

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