कोलकाता / हावड़ा। धर्मनिष्ठ कर्मयोगी मोतीलाल भुवालका गुरुवार को परम धाम के लिए प्रस्थान कर गए। वे विगत् कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और गुरुवार दि. 22 अक्टूबर की शाम लगभग सवा 5 बजे उन्होंने अपने निवास पर अंतिम साँस ली।

भुवालका पब्लिसिटी सॉल्यूशन के मुख्य उपदेष्टा, सत्य सर्वदा हिन्दी पाक्षिक के प्रबंध सम्पादक दिवंगत मोतीलाल भुवालका अपने पीछे पुत्रवधू संगीता भुवालका, पुत्र-पुत्रवधू सुरेश-ममता भुवालका, पुत्र नरेश भुवालका, पौत्रियां प्राची, विधिश्री, अदिति, पौत्र हितेश, पुत्री-दामाद किरण श्रवण सहित भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। शोक संतप्त परिजनों, सगे-संबंधियों और सैकड़ों शुभचिंतकों की उपस्थिति में शुक्रवार 23 अक्तूबर बांधाघाट श्मशान घाट पर विधिविधान से पार्थिव शरीर की अंतिम क्रिया सम्पन्न हुई।
भगवान भोलेनाथ के परम आराधक 82 वर्षीय दिवंगत मोतीलाल भुवालका ने रामेश्वर महादेवाष्टक, राधावल्लभ, श्री सिद्धिविनायक गणेशाष्टक सहित अनेक उल्लेखनीय स्तुति, भजन व धार्मिक रचनाएं रची। श्री सालासर बालाजी सेवक वृन्द परिवार के संस्थापक दिवंगत भुवालका कोलकाता-हावड़ा की अनेक सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं से जुड़े थे।












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