नम आंखों और क्षमा प्रार्थना के साथ पंडाल से माँ दुर्गा की विदाई

हाईलाइट्स :

  1. ना ढाक – ढोल का शोर और ना ही सिंदूर खेला
  2. विशेष जांच दल की निगरानी में नम आंखों से विदाई
  3. 19 लोगों की मौत के वास्तविक कारण की जांच जारी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए तय के गई समय सीमा को ध्यान में रखते हुए चोरबागान सावर्जनीन की दुर्गा प्रतिमा का भी शनिवार को विसर्जन कर दिया गया। इस पंडाल में महा सप्तमी की शाम हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 घायल हुए थे। शनिवार को पंडाल में विसर्जन के लिए उपस्थित होने वाले स्थानीय लोगों के चेहरे गमगीन थे और ऐसे माहौल में न तो आदिशक्ति की विदाई की पारंपरिक रस्म हुई और न ही सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। विसर्जन के समय स्थानीय लोगों ने भावुक होकर देवी दुर्गा से क्षमा मांगी।

हादसे की जांच कर रहे विशेष जांच दल की प्रमुख व कलकत्ता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती ने प्रतिमा विसर्जन पर सहमति दी थी, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि जांच के उद्देश्य से पंडाल को पहले की स्थिति में रखा जाएगा। इस निर्देश के बाद पूजा समिति ने शनिवार को प्रतिमा विसर्जन का निर्णय लिया। दोपहर करीब दो बजे लगभग 40 मजदूरों की मदद से प्रतिमा को पंडाल से बाहर निकाला गया। इसके बाद कुछ समय के लिए प्रतिमा को सेंट्रल एवेन्यू पर रखा गया, जहां स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जुटे। वहां से प्रतिमा को विसर्जन के लिए निमतल्ला घाट ले जाया गया।

उल्लेखनीय है कि चोरबागान सार्वजनीन के पंडाल में दुर्गापूजा की इस मामले में अब तक पूजा कमेटी के दो उद्घोषकों समेत कुल नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपित उद्घोषकों की आवाज के नमूने लेने के लिए अदालत का रुख किया है। इनमें पूजा समिति के कोषाध्यक्ष संजीव राहा उर्फ सेंटू और कुशल मजूमदार शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने घटना के समय की घोषणाओं से जुड़े तीन से चार आडियो और वीडियो क्लिप जुटाए हैं। इनमें से कुछ रिकार्डिंग में लाउडस्पीकर से की गई घोषणाएं सुनाई दे रही हैं। पुलिस अदालत से अनुमति मिलने के बाद दोनों आरोपितों की आवाज के नमूने लेकर रिकार्डिंग से उनका फोरेंसिक मिलान कराना चाहती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कथित तौर पर पंडाल का हिस्सा ढहने की घोषणा किसने की थी।

इस मामले में पुलिस ने अब तक करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें हादसे में घायल हुए लोग, होमगार्ड, सिविक वालंटियर, निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी और स्थानीय लोग शामिल हैं।

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