कोलकाता, बीते दिनों: सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी, कोलकाता (एसएक्सयूके) का सातवां दीक्षांत समारोह न्यू टाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 1052 स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा 25 पीएच.डी. शोधार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 17 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति रेव. डॉ. जॉन फेलिक्स राज, एस.जे. ने घोषणा की कि शैक्षणिक सत्र 2026 से बी.टेक. कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही भविष्य में एम.टेक. कोर्स भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय इंटीग्रेटेड एमबीए, इंटीग्रेटेड बी.एड., स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ नर्सिंग तथा मेडिकल कॉलेज जैसे नए पाठ्यक्रम भी प्रारंभ करने की दिशा में अग्रसर है।
समारोह के मुख्य अतिथि रोम (इटली) स्थित जेसुइट सुपीरियर जनरल रेव. डॉ. आर्टुरो सोसा, एस.जे. थे। उन्होंने अपने संबोधन में जेसुइट शिक्षा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भावना का विकास भी है।
इस अवसर पर सांसद एवं स्थायी समिति (विदेश मामले) के अध्यक्ष शशि थरूर को मानद डी.लिट. की उपाधि प्रदान की गई। डॉ. थरूर ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक डिग्री न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राष्ट्र के भविष्य में निवेश भी है। उन्होंने लोकतंत्र में जटिलताओं को समझने, प्रश्न पूछने और असहमति व्यक्त करने की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कुलपति ने बताया कि जेवियर बिजनेस स्कूल के एमबीए कार्यक्रम को 2025-26 से तीन वर्षों के लिए एनबीए की मान्यता प्राप्त हुई है। पिछले वर्ष विश्वविद्यालय ने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ पांच एमओयू भी किए हैं।
वर्ष 2017 के बाद से विश्वविद्यालय ने भौतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। दूसरा शैक्षणिक भवन लगभग पूर्ण होने वाला है, जिसमें आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और मूट कोर्ट की सुविधा होगी। अवसंरचना विकास पर अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। नया सभागार 1500 लोगों की क्षमता वाला होगा, जबकि दो अन्य सभागारों की क्षमता क्रमशः 600 और 300 होगी।
विश्वविद्यालय 75 कमरों (वीआईपी सुइट सहित) वाले एमडीपी ब्लॉक तथा दो स्विमिंग पूल के निर्माण की योजना भी बना रहा है, ताकि छात्रों को खेल एवं तैराकी का प्रशिक्षण मिल सके।
कार्यरत पेशेवरों के लिए सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। एक्जीक्यूटिव एमबीए कार्यक्रम को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और इसे हाइब्रिड मोड में शुरू करने की योजना है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन में नया एमबीए कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
विश्वविद्यालय 2026 में नई प्रणाली के अंतर्गत नैक प्रत्यायन की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नवंबर 2025 में छठा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ऑडिट संपन्न किया गया है और विशेषज्ञों के सुझावों पर कार्य किया जा रहा है।
तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने एआई-संचालित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है और इसके लिए यूके स्थित ‘शिक्षक’ संस्था के साथ साझेदारी की है। पूर्वी भारत में यह ऐसी पहल करने वाला पहला विश्वविद्यालय है। यह प्रणाली असाइनमेंट प्रबंधन, ऑनलाइन परीक्षण और कंटेंट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं प्रदान करती है।
विश्वविद्यालय अपने ‘विजन 2030’ लक्ष्य के तहत 10,000 नामांकन तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।












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