हुगली नदी के किनारों को संवार कर कोलकाता का होगा कायाकल्प

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने कोलकाता महानगर को पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की योजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार डायमंड हार्बर से एस्प्लेनेड तक हुगली रिवरफ्रंट का सर्वांगीण विकास करना चाहती है। इसमें नदी के नीचे से मेट्रो लाइन गुजारने, एक हाईवे, पैदल चलने वालों के लिए रास्ता, साइकिल ट्रैक और नदी किनारे के पूरे इलाके का विकास शामिल है। राज्य के शहरी विकास और नगर मामलों के विभाग ने मंगलवार को नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

राज्य के शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि NBCC को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए ‘प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट’ नियुक्त किया गया है। इन परियोजनाओं में KMC, HMC, BMC, CMC, नबाद्वीप नगरपालिका, SUDA और KMDA जैसे कई शहरी स्थानीय निकाय (ULB) और सरकारी संगठन शामिल हैं। NBCC के साथ हुए इस समझौते में कई मुद्दे शामिल हैं, जैसे कॉलेज स्ट्रीट ‘बोई पाड़ा’ (किताबों का बाजार) का विकास, टांगरा चाइना टाउन का पुनर्विकास, बिधाननगर इलाके में सरकारी आवासों का पुनर्विकास, हावड़ा, बिधाननगर और कोलकाता में हॉकरों (फेरीवालों) के लिए व्यवस्था और झुग्गी-बस्तियों का विकास। इसके अलावा, पूरे राज्य में सार्वजनिक शौचालय बनाना और रिवरफ्रंट का विकास करना भी इसमें शामिल है।

पॉल ने कहा कि राज्य सरकार हुगली नदी के दोनों किनारों का सर्वांगीण विकास करना चाहती है। उन्होंने कहा, “हम अपने रिवरफ्रंट को मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित करना चाहते हैं। मेरी योजना डायमंड हार्बर से एस्प्लेनेड तक के पूरे नदी किनारे का विकास करने की है। इसमें नदी के नीचे से मेट्रो लाइन, नदी के ऊपर चार लेन का हाईवे, पैदल चलने वालों के लिए रास्ता और साइकिल ट्रैक शामिल हो सकते हैं। इसके लिए हम नीदरलैंड की एक कंपनी के संपर्क में हैं। हमने इस विचार को PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) के साथ भी साझा किया है। इसमें पोर्ट अथॉरिटी, PWD और परिवहन विभाग जैसे कई हितधारक शामिल हैं।”

पॉल ने कहा, “हमारा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इसके लिए हम लंदन, बैंकॉक और सिंगापुर जैसे विदेशी शहरों की बेहतरीन कार्यप्रणालियों को अपनाएंगे, ताकि हम अपने शहरों को अपने तरीके से विकसित कर सकें।”

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