कोलकाता : इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) की ‘सैंपलिंग एंड ऑफिशियल स्टैटिस्टिक्स यूनिट’ (SOSU) 3 और 4 नवंबर, 2026 को “इंडियन ऑफिशियल स्टैटिस्टिक्स कॉन्क्लेव ऑन थ्योरेटिकल एंड एम्पिरिकल इश्यूज (OCTEI 2026)” विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित कर रही है। मंगलवार को संस्थान के प्लेटिनम जुबली ऑडिटोरियम में इसका उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष और इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च के पूर्व निदेशक व कुलपति, प्रोफेसर एस. महेंद्र देव उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, प्रोफेसर एस. महेंद्र देव ने कहा, “आज, डेटा स्रोतों, आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी), बारीकियों (ग्रैन्युलैरिटी) और तकनीक के मामले में पूरी व्यवस्था एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। लेकिन ये सुधार तभी प्रभावी होंगे, जब इनके पीछे के तरीके सही हों और लोगों का इन पर भरोसा हो।” उन्होंने उपस्थित लोगों के समक्ष मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) दिया। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों (ऑफिशियल स्टैटिस्टिक्स) पर शोध की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि विभिन्न पहलुओं (जैसे इंडेक्स नंबर की गणना में आधार वर्ष बदलना, जिला घरेलू उत्पाद की गणना आदि) को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
ISI के निदेशक, प्रोफेसर अमर्त्य कुमार दत्ता ने स्वागत भाषण दिया और संस्थान, विशेष रूप से ‘सैंपलिंग एंड ऑफिशियल स्टैटिस्टिक्स यूनिट’ की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संस्थान एक तरह से ‘पुनर्जागरण’ (रेनेसां) की नई कल्पना कर रहा है और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है। इस कार्यक्रम में CTRPFP के निदेशक और सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज, कलकत्ता में RBI चेयर प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) तथा जाने-माने नीति शोधकर्ता, प्रोफेसर सैबल कर एक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही, बेलूर मठ स्थित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के कुलपति और प्रख्यात शिक्षाविद, स्वामी सर्वोत्तमानंदजी महाराज भी एक विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन दोनों ने नीति निर्माण के लिए एक डेटाबेस तैयार करने और इसके लिए आधुनिक तकनीक (जैसे AI आदि) के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। IIM कलकत्ता के पूर्व निदेशक और भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (नेशनल स्टैटिस्टिकल कमीशन) के अध्यक्ष; NSC के पूर्व अध्यक्ष और ISI के पूर्व निदेशक प्रोफेसर सैबल चट्टोपाध्याय, तथा सेवानिवृत्त प्रोफेसर बिमल रॉय ने भी अपने व्याख्यान दिए, जिसके बाद उद्घाटन कार्यक्रम का अगला सत्र शुरू हुआ।
आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर देबाशीष पॉल ने परिचयात्मक भाषण दिया और प्रोफेसर संदीप मित्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।














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