प्रयागराज में माफिया से मुक्त जमीन पर बनेगा ‘श्रीकृष्णपुरी’ : सीएम योगी




191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पहले चरण में बनेंगे 602 आवास

दूसरे चरण में 598 परिवारों को मिलेगा घर — पीपलगांव में 556 लाभार्थियों को सौंपी गई चाबी

प्रयागराज : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर पद्मलोक आवासीय योजना का भूमि पूजन किया। इस योजना के तहत 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 602 आवासों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कसारी-मसारी क्षेत्र को अब ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास बनाने के साथ ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त व्यवस्थित टाउनशिप विकसित करने की योजना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबियां भी वितरित कीं। कार्यक्रम के दौरान ममता, सिंधु श्रीवास्तव, कंचन सोनी, बसंती देवी, निरूपमा चक्रवर्ती, शंकरलाल कुशवाहा, प्रियंका सोनकर, ललिता पाण्डेय, रंजिता सोनकर और हरिशंकर मिश्र को प्रतीकात्मक रूप से आवास की चाबी प्रदान की गई।

माफिया से मुक्त जमीन पर गरीबों के लिए बनेंगे घर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के साथ बदलाव भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर कभी माफिया और उनके गुर्गों का अवैध कब्जा था, वहां अब गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य केवल अवैध कब्जे हटाना नहीं, बल्कि मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों के हित में करना भी है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, लूकरगंज में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों के लिए बहुमंजिला आवास बनाए जा चुके हैं। इसी क्रम में अब कसारी-मसारी में पद्मलोक आवासीय योजना शुरू की जा रही है। योजना के पहले चरण में 602 परिवारों और दूसरे चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इस तरह दोनों चरणों में करीब 1,200 परिवारों को पक्के मकान मिल सकेंगे।

‘माफियागिरी करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई’

कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस न करे। यदि कोई ऐसा करता है या करवाता है, तो उसे इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी गुंडे या माफिया को दूसरों की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने प्रयागराज की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तीर्थराज, भगवान अक्षयवट की पावन धरती और महर्षि भारद्वाज की साधना स्थली है। उनके मुताबिक, पहले माफिया के प्रभाव के कारण आम लोगों में असुरक्षा का माहौल था, जिससे विकास, निवेश और रोजगार के अवसर भी प्रभावित होते थे।

बाजार, पार्क, जिम और खेलकूद की सुविधाओं से सजेगी टाउनशिप

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्णपुरी में करीब 1,200 परिवारों के रहने पर यहां छह से साढ़े छह हजार से अधिक लोगों की आबादी होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए आवासों के साथ बाजार, पार्क, जिम और खेलकूद के लिए स्थान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इस दिशा में कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को आवास देने का मतलब केवल छत उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण देना भी है, जहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और परिवार सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब तक 65 लाख गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं।

महाकुंभ के बाद प्रयागराज में सड़क और कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में बड़े पैमाने पर सड़कों का चौड़ीकरण कराया गया। उनके अनुसार, शहर में सात से 14 मीटर तक चौड़ी सड़कों के माध्यम से आवागमन को सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, गरीबों को आवास देना और नागरिकों को सुशासन का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण अंतिम चरण में है।

महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के निर्माण की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने महाराजा बिजली पासी के ऐतिहासिक योगदान और सनातन परंपरा की रक्षा में उनकी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान के माध्यम से उन्हें सम्मान दिया जाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली की दूरी होगी कम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है। एयरपोर्ट की सुविधा के साथ गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से प्रयागराज को मेरठ और दिल्ली की दिशा में बेहतर सड़क संपर्क मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कार से दिल्ली पहुंचने में लगभग 10 से 12 घंटे लगते थे, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यह यात्रा करीब सात घंटे में पूरी की जा सकेगी।

जनप्रतिनिधियों ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री एवं प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास कार्यों के साथ कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना भेदभाव पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास तथा सुशासन से जुड़े कार्य आगे बढ़े हैं। उन्होंने पद्मलोक आवासीय योजना को जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।

शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवासों का निर्माण सुशासन और विकास का उदाहरण है। उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को इससे लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, विधायक पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, हर्षवर्धन वाजपेयी, पूजा पाल, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पद्मलोक आवासीय योजना के माध्यम से कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के साथ एक व्यवस्थित आवासीय परिसर विकसित करने की योजना है। इसके दोनों चरण पूरे होने पर करीब 1,200 परिवारों को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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