गायब हो गये कोलकाता के 5000 तालाब : मुख्यमंत्री

हाईलाइट्स :

  1. टीएमसी शासन में 5,000 तालाब भरने का आरोप
  2. 9.38 करोड़ रुपये से दो जलाशयों का पुनरुद्धार
  3. पौधरोपण और मछली पालन की भी योजना

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी सरकार के कार्यकाल में कोलकाता और आसपास के इलाकों में करीब 5,000 तालाबों को भर दिया गया, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने लोगों से आगामी कोलकाता नगर निगम (केएमसी) चुनाव में भाजपा को समर्थन देने की अपील भी की।


टीएमसी शासन में 5,000 तालाब भरने का आरोप
दक्षिण कोलकाता के कुदघाट में दो जलाशयों के पुनरुद्धार के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार और उसके पार्षदों ने प्रमोटरों से मिलीभगत करके जोका-हरिदेवपुर से लेकर बारासात-मध्यमग्राम तक 5,000 तालाबों को भर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हुआ। कई इलाकों में भूगर्भ का जल स्तर इसी कारण से बहुत नीचे चला गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार और नगर निगम के बीच तालमेल जरूरी है।

9.38 करोड़ रुपये से दो जलाशयों का पुनरुद्धार
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुदघाट में दो जलाशयों का पुनरुद्धार कराया गया है। इनमें से एक पर करीब 5.79 करोड़ रुपये और दूसरे पर 3.59 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग 9.38 करोड़ रुपये की लागत आई है। उन्होंने बताया कि पहले इन जलाशयों की हालत बेहद खराब थी। आसपास के इलाकों में दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब इनके पुनरुद्धार से स्थानीय पर्यावरण में सुधार होने की उम्मीद है।


पौधरोपण और मछली पालन की भी योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलाशयों के आसपास पौधरोपण, मछली पालन और सौंदर्यीकरण से जुड़े काम भी किए जाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि जिन इलाकों को नागरिक सुविधाओं की योजना में नजरअंदाज किया गया, वहां रहने वाले लोग भी बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं के हकदार हैं। अधिकारी ने पुनर्जीवित किए गए दोनों जलाशयों के नाम ‘शिव’ और ‘शक्ति’ रखे। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम मिलकर काम करेंगे, जिससे शहर में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण की स्थिति बेहतर हो सकेगी।

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