बंगाल में कहीं भी पुलिस को 10 मिनट में पहुंचना होगा – CM शुवेंदु ने दिया टारगेट

हाईलाइट्स :

1. सहायता प्रणाली के तहत 450 चारपहिया वाहन रवाना

2. ‘डायल 112’ आपातकालीन सेवा का शुभारंभ

3. बेहतर सेवा के लिए थाने को मिलेंगे अतिरिक्त वाहन

कोलकाता : मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने बंगाल में पुलिस को अब आपात स्थिति में किसी भी स्थान पर 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में आपात स्थिति के दौरान पुलिस की मदद पहुंचने में होने वाली देरी को कम करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुवेंदु  अधिकारी ने शनिवार को ‘डायल 112’ आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा की शुरुआत करते हुए यह लक्ष्य तय किया।

महालया के शुभ अवसर पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के तहत 450 नए चारपहिया वाहनों और इतनी ही नई मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य के सभी थानों को ‘डायल 112’ के तहत आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए इनमें से ही चारपहिया वाहन और मोटरसाइकिल प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिलहाल पुलिस की प्रतिक्रिया का औसत समय करीब 90 मिनट है, जबकि कोलकाता पुलिस के मामले में यह 10 से 15 मिनट है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य 6 से 10 मिनट में आपात स्थिति में पहुंच सकते हैं, तो बंगाल में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले 100 नंबर डायल करने पर पुलिस सेवाएं नहीं मिलती थीं।

हर थाने को मिलेंगे चार वाहन और चार मोटरसाइकिलें

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह महज शुरुआत है। अगले एक साल के भीतर राज्य के प्रत्येक थाने को चार मोटरसाइकिलें और चार कारें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन वाहनों को चलाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने 1,500 चालकों की नियुक्ति को भी पहले ही मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए पुलिस थानों की जर्जर स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कोलकाता के वाटगंज और एकबालपुर थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की इमारतें करीब एक सदी पुरानी लगती हैं। कई जगहों पर उचित सीसीटीवी व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि इन कमियों को दूर करना होगा।

दुर्गापूजा से पहले 11 हजार से अधिक कांस्टेबलों की नियुक्ति

मुख्यमंत्री ने हाल में राज्य की दो विधानसभा सीटों नंदीग्राम व रेजीनगर पर में उपचुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धिनाथ गुप्ता और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जावेद शमीम सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रयासों से इस बार मतदान के दौरान किसी भी तरह से रक्तपात नहीं हुआ। उन्होंने आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस, नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया।

शुवेंदु  ने दावा किया कि उनकी सरकार में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने दुर्गापूजा से पहले 11,000 से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और महिलाओं पर हमलों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति दोहराते हुए आरजी कर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार चिकित्सक के परिवार को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता भी जताई। इस आयोजन में राज्य के मंत्री तपास राय और उमेश राय के अलावा कोलकाता और राज्य पुलिस के बड़े अधिकारीगण मौजूद थे।

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