हाईलाइट्स :
- मनमोहक ढाक वादन, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति
- मुख्यमंत्री ने बंगाल की संस्कृति को संरक्षित करने की बात कही
- 1000 महिलाओं की उल्लूध्वनि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज
कोलकाता : कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में शनिवार को महालया के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक समारोह आयोजित कर राज्य सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी, राज्यपाल आरएन रवि, मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, समाज के विभिन्न वर्ग के विशिष्ट नागरिकों और टॉलीवुड की हस्तियों ने इसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। पारंपरिक ढाक वादन, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए बंगाल की परंपरा और विरासत को प्रदर्शित किया गया। तस्लीमा नसरीन, अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता और मिथुन चक्रवर्ती सहित कई विशिष्ट कलाकारों की मौजूदगी में पारंपरिक ढाक वादन, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिये बंगाल की लोककलाओं को प्रदर्शित किया गया।
इस कार्यक्रम में आयोजन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से भी समारोह को भव्य रूप देने की तैयारी की गई थी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दुर्गापूजा के धार्मिक महत्व को प्रमुखता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल की संस्कृति को संरक्षित करने के साथ पूजा की धार्मिक महत्ता को सामने लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस बार 12,400 नई पूजा समितियों को अनुमति दी गई है और उनके लिए भी अनुदान की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 200 से अधिक पूजा समितियों ने सरकारी अनुदान नहीं लेने की जानकारी दी है। उनके मुताबिक, इन समितियों को मिलने वाली राशि ग्रामीण क्षेत्रों की पूजा समितियों को देने की अपील की गई है।
ड्रोन शो में दिखीं मां दुर्गा की आकृतियां
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण हजारों ड्रोन की मदद से आसमान में मां दुर्गा और कमल की आकृतियां बनाना रहा। लाइट एंड साउंड शो के जरिए महालया के रेडियो प्रसारण से लेकर दशमी के सिंदूर खेला तक दुर्गा पूजा की परंपराओं को दर्शाया गया। लोकप्रिय गायक शान, कौशिकी चक्रवर्ती और लग्नजीता चक्रवर्ती ने प्रस्तुतियां दीं। संगीतकार शांतनु मोइत्रा और अन्य कलाकारों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान 3000 ढाकियों और शंख बजाने तथा उल्लूध्वनि करने वाली 1000 महिलाओं की प्रस्तुति को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
बंगाल की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन है। सरकार इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक हिंदू पंचांग के अनुसार धार्मिक अनुष्ठानों पर भी जोर दे रही है। उत्सव को कोलकाता से बाहर ले जाने के लिए दुर्गापुर, बिष्णुपुर, सिलीगुड़ी, कूचबिहार, मालदा, बहरामपुर और दीघा में भी कार्यक्रम होंगे। सरकार ने पूजा के दौरान बिजली शुल्क और अग्निशमन विभाग की अनुमति संबंधी फीस माफ करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने पूजा समितियों से प्रतिमा विसर्जन 24 अक्टूबर तक पूरा करने की अपील की।
मां दुर्गा की उपेक्षा करने वाली पिछली सरकारों में बंगाल पिछड़ा- राज्यपाल रवि
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने शनिवार को कहा कि मां दुर्गा की पूजा से परहेज करने वाली पिछली सरकारों के कार्यकाल में राज्य विभिन्न क्षेत्रों में दूसरे राज्यों से पिछड़ गया। उन्होंने कहा कि बंगाल कभी देश के हर क्षेत्र में आगे था और स्वतंत्रता संग्राम में भी उसकी प्रमुख भूमिका थी। लेकिन बाद में राज्य की स्थिति कमजोर होती चली गई। राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बंगाल अपना गौरव वापस हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि लोग उनसे मिलने आते हैं और राज्य में निवेश करने की इच्छा जताते हैं। उनके मुताबिक, यह सब मां दुर्गा के आशीर्वाद से संभव हुआ है।















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