कोलकाता : कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 13.50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की लगभग 55 हजार ई-सिगरेट जब्त की हैं। पिछले दिनों की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ये ई-सिगरेट नेपाल भेजे जाने वाले ट्रांजिट माल के दो कंटेनरों से बरामद की गईं। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी।
पानी के गिलास और सिरेमिक मग के नाम पर भेजा जा रहा था माल
डीआरआइ अधिकारियों को मिली विशिष्ट खुफिया सूचना के आधार पर दोनों कंटेनरों को रोका गया। इनमें घोषित सामान के बीच ई-सिगरेट छिपाकर रखी गई थीं। पहले कंटेनर में पानी के गिलास के नाम पर भेजे जा रहे सामान के बीच आईजीईटी ब्रांड की विभिन्न फ्लेवर वाली 40 हजार ई-सिगरेट मिलीं। वहीं, दूसरे कंटेनर में सिरेमिक मग के रूप में घोषित सामान के बीच वीटीवी, वाको, बैंग और ईजॉय समेत विभिन्न ब्रांडों की लगभग 15 हजार ई-सिगरेट बरामद की गईं। डीआरआइ ने सीमा शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत ई-सिगरेट के साथ उन्हें छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए घोषित माल को भी जब्त कर लिया।
चालू वित्त वर्ष में 120 करोड़ से अधिक की जब्ती
भारत में इलेक्ट्रानिक सिगरेट और इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) का उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन प्रतिबंधित है। जनस्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से वर्ष 2019 में इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध अधिनियम लागू किया गया था।
डीआरआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक देश के विभिन्न बंदरगाहों, हवाई अड्डों और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) पर लगभग तीन लाख ई-सिगरेट जब्त की जा चुकी हैं। इनकी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में की गई इन कार्रवाइयों के बीच कोलकाता बंदरगाह पर हुई ताजा जब्ती तस्करी के खिलाफ अभियान की एक बड़ी कार्रवाई है।
कोलकाता बंदरगाह पर 13.50 करोड़ की ई-सिगरेट जब्त













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