तारकेश्वर मिश्र
HighLights:
- सीबीआई मामले की जांच कर रही है, सात आरोपी गिरफ्तार।
- शुभेंदु अधिकारी ने चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में ‘भतीजा गैंग’ पर आरोप लगाया।
- हत्या के लिए शूटरों को दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी।
/
पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 में से 207 सीटें जीत कर पहली बार सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में विगत 4 महीनों के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनकी खूब सराहना हो रही है। जनता के हित को सामने रखकर लिए जाने वाले फैसलों की केंद्र सरकार भी सराहना कर रही है। दावा किया जा रहा है की डबल डेकर सरकार के सत्ता में आने से राज्य में विकास की गति दोगुनी हो चुकी है। परंतु एक महत्वपूर्ण मुद्दा अपनी जगह जस की तस खड़ा है। और वह मुद्दा है सुवेन्दु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या का।
मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने दिवंगत निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर बड़ा दावा किया कि इसके पीछे “भतीजा गैंग” है। उनका इशारा डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनके करीबियों की तरफ था।
अपने गृह जिले पूर्व मेदिनीपुर की हाईप्रोफाइल नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ के नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचती में शुभेंदु ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार हत्या के पीछे ‘भतीजा गैंग’ का हाथ है और शूटरों को दो करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ को रास्ते से हटाने के लिए दो करोड़ रुपये खर्च किए गए और यह रकम शूटरों तक ‘भतीजा गैंग’ ने पहुंचाई। उन्होंने दावा किया कि शूटरों को रकम पहुंचाने वाले लोग डायमंड हार्बर के हैं और उन्होंने उनकी काल रिकॉर्डिंग भी सुनी है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अदालत में मामला विचाराधीन है, इसलिए अभी वह इससे ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। नामांकन के बाद चंद्रनाथ हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु ने कहा कि मामले में अंतरराज्यीय पहलू जुड़े होने के कारण जांच सीबीआइ को सौंपी गई थी। उनके अनुसार, शूटरों और उन्हें सुपारी देने वालों समेत सात लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। साथ ही कहा कि उन्हें विश्वास है कि दोषियों को फांसी होगी।
चुनाव परिणाम के दो दिन बाद हुई थी रथ की हत्या
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में गत चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह उस समय विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक थे। कार से घर लौटते समय चंद्रनाथ को बेहद करीब से गोली मारी गई थी।
फैसले में विलम्ब से उठते सवाल
इस हाई प्रोफाइल हत्याकाण्ड से सबसे बड़ी क्षति मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी की हुयी है। दिनरात साये की तरह साथ रहने वाले चन्द्रनाथ को सुवेन्दु अधिकारी अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। अब जबकि उनके पास सभी सबूत हैं, जिनका वह दावा कर रहे हैं तो फिर हत्यारों और साजिश रचने वालों के खिलाफ कर्रवाई में विलम्ब क्यों? अगर खुद मुख्यमंत्री को सब पता होने के बाद भी न्याय के लिए इतना इंतजार करना पड़ेगा तो फिर आम जनता के मामलों में क्या आशा की जा सकती है?














Leave a Reply