किसान आज खनौरी और शंभू बॉर्डर पर एकजुटता दिखायेंगे

संगरूर/बठिंडा। मोगा में 10 जनवरी को किसान महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने अपने नेताओं को हिदायत दी कि वे खनौरी या शंभू बॉर्डर को लेकर कोई बयान न दें। एसकेएम ने ऐलान किया कि उनके नेता शंभू और खनौरी सीमा पर 10 जनवरी को एकता का संकल्प लेंगे। इसके लिए 6 सदस्यों की समिति के साथ 101 सदस्यों का समूह जाएगा। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को तहसील मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।
महापंचायत में पंजाब से किसानों की रिकार्ड भीड़ उमड़ी। किसानों ने स्वामीनाथन फॉर्मूले के तहत राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति के मसौदे को खारिज करने की मांग की। साथ ही, एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाने, किसान-मजदूरों के कर्ज की माफी व दिल्ली मोर्चे को लागू कराने के लिए किसान आंदोलन के संयुक्त संघर्ष का एकता प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें यह तय किया गया कि संयुक्त किसान मोर्चा की छह सदस्यीय ‘एकता कमेटी’ 10 जनवरी को खनौरी और शंभू बॉर्डर पर एकता का संकल्प लेगी।
आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जिम्मेदार ठहराया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर डल्लेवाल को कुछ हुआ तो मोर्चा सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उसने कहा कि डल्लेवाल की जान बचाने के लिए परस्पर विरोधी संगठनों से बातचीत शुरू करनी चाहिए। महापंचायत का नेतृत्व बलबीर सिंह राजेवाल, राकेश टिकैत, जोगिंदर सिंह उगराहां, रमिंदर सिंह पटियाला, हरमीत सिंह कादियान, डॉ. दर्शनपाल सिंह, कृष्ण प्रसाद, बूटा सिंह बुर्जगिल, हरिंदर सिंह लाखोवाल ने किया।
टिकैत और उगराहां बोले- किसान एक हैं : किसान नेता राकेश टिकैट और जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि निकट भविष्य में विभिन्न स्थानों पर महापंचायत की जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसान एक हैं। उनमें वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन खेती को लेकर वे हमेशा एक रहे हैं।

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