(जिला– उत्तर 24 परगना)
दिनांक 15 जुलाई, 2023 को जिंदा कारतूसों की तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए, दक्षिण बंगाल सीमा के अंतर्गत सीमा चौकी जयंतीपुर, 05वीं वाहिनी के सतर्क जवानों ने बांग्लादेश से भारत में लाए जा रहे 41 जिंदा कारतूसों (केएफ 7.65 मिमी) के साथ दो तस्करों को पकड़ा।
उल्लेखनीय है कि, तकरीबन 1640 बजे, ड्यूटी के दौरान सीमा सीमा चौकी जयंतीपुर के जवानों की नजर तारबंदी के के दोनों ओर बिखरे पड़े जिंदा कारतूसों पर पड़ी। जवानों ने इलाके की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान, जवान को 41 जिंदा (KF 7.65 मिमी) मिले। जवानों ने आसपास के इलाके कि छानबीन की तो वहां कोई भी व्यक्ति दिखाई नहीं दिया। तत्पश्चात, सीमा चौकी जयंतीपुर के इलाके में लगे गुप्त कैमरों की जांच की गयी। कैमरों की जांच में तारबंदी से आगे स्थित गांव– 36 घरिया से तारबंदी कि तरफ दो लोगों की आवाजाही देखी गई। बारीकी से जांच करने पर तथा बीएसएफ की खुफिया जानकारी के आधार पर इन तस्करों की पहचान ग्यासुद्दीन मंडल, पुत्र अमीर हुसैन मंडल उम्र (39 वर्ष) और मोहम्मद नजीर हुसैन मुल्ला, पुत्र मेजानुर मुल्ला (उम्र 37 वर्ष), निवासी गांव-36 घरिया के रूप में हुई।
तत्पश्चात, बीएसएफ के खोजी दल ने ग्यासुद्दीन मंडल को उसके घर के पास से पकड़ा और घटना के बारेमें पूछताछ की। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि 15 जुलाई, 2023 की शाम को वह मोहम्मद नज़ीर हुसैन मुल्ला के साथ तारबंदी के पास उक्त घटना में शामिल था। आगे उसने बताया कि मुल्ला के इशारे पर वह किसान के भेष में उस इलाके में बीएसएफ जवानों की हलचल पर लगातार नजर बनाए हुए था। उसने यह भी बताया कि जवानों को गुमराह करने के लिए उसने तारबंदी के पास जाकर घास काटने का नाटक भी किया। इस बीच, मुल्ला भी जिंदा कारतूसों को एक प्लास्टिक की थैली में भरकर तारबंदी के पास आया और तारबंदी से पार करने लगा। दरअसल, ऐसा करते समय थैली तारबंदी में फंसकर फट गई जिसकी वजह से सभी जिंदा राउंड तारबंदी के दोनों ओर बिखर गए। यह देखकर वे दोनों बीएसएफ जवानों के आ जाने के डर से घबरा गए और वापिस अपने गांव की तरफ भाग गए। उसने ये भी बताया कि उन्होंने कारतूसों को इकट्ठा करने कि भी कोशिश की लेकिन बीएसएफ के जवानों को देखकर उन्होंने वहां से निकलने कि तरकीब सूझी। इसके अलावा, मंडल के खुलासे पर, बीएसएफ के खोजी दल ने मुल्ला को भी उसके घर के पास से दबोचा। गहन पूछताछ में उन्होंने इस घटना में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है।
पकड़े गए तस्करों और और जब्त किए गए सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना पेट्रापोल को सौंपा जा रहा है।
बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने के लिए बीएसएफ सख्त कदम उठा रही है। इसके चलते ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आगे अधिकारी ने बताया कि पुलिस के सहयोग से भी पकड़े गए तस्करों से लगातार यह पूछताछ कि जा रही है कि, ये जिंदा कारतूस वो किसको सौंपना चाहते थे और वे आगे किस तरह कि कार्रवाई को अंजाम देने की कोशिश करने वाले थे।












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