(जिला–मालदा)
घटना दिनांक 11 मई, 2023 को दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत सीमा चौकी किस्तोपुर, 44वीं वाहिनी के सीमावर्ती गांव किस्तोपर की है। गाँव के ग्राम प्रधान सज्जाद अली ने सीमा चौकी किस्तोपुर के कंपनी कमांडर से मुलाकात की और बताया कि उसके गाँव की एक महिला जिसका नाम सागरिका बीबी (43 वर्ष), पत्नी अब्दुल मलिक है, जोकि पिछले तीन साल से कैंसर की बीमारी से जूझ रही है। महिला के कुछ रिश्तेदार सीमा पार बांग्लादेश के सीमावर्ती गांव चामुसा में रहते हैं। आगे उसने आग्रह किया कि कैंसर ग्रसित महिला अपने बांग्लादेशी रिश्तेदारों से मुलाकात करना चाहती है।
कंपनी कमांडर ने उनकी बात सुनकर मानवीयता और भावनात्मक पहलू को ध्यान में रखते हुए बिना देर किये इस संबंध में अपने समक्ष बार्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों से संपर्क किया। लिहाजा, दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों ने आपसी सहयोग के मद्देनजर मानवता को सर्वोपरि रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेश में रहने वाले रिश्तेदारों से महिला की मुलाकात करवाने की व्यवस्था की। इस तरह उनके रिश्तेदारों का आपस में मिलाप संभव हो सका।
मिलाप के उपरांत बीमार के रिश्तेदारों ने सीमा सुरक्षा बल की इस पहल के लिए आभार जताया और कहा कि आप लोगों की मानवीयता के चलते हमें अपने रिश्तेदारों से मिलना–जुलना नसीब हुआ ।
इस प्रकरण पर 44वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि बीएसएफ के जवान सीमा पर दिन- रात बिना पलक झपकाए तैनात रहते हैं और देश की सुरक्षा के साथ ही सीमावासियों के सुख-दुख समेत उनके धार्मिक और सामाजिक मूल्यों का भी ख्याल रखते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीमा सुरक्षा बल गलत मंशा रखने वालो के खिलाफ है, वहीं जब बात इंसानियत व मानवीय मूल्यों की आती है तो वह सदैव तत्पर रहती है












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