आइज़ोल : केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास और शिक्षा राज्य मंत्री, डॉ. सुकांत मजूमदार ने 13 अक्टूबर 2026 को मिज़ोरम विश्वविद्यालय, आइज़ोल में तृतीय उत्तर पूर्व बैंकर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देने के लिए बैंकिंग सेवाओं के तेजी से विस्तार, ऋण तक अधिक पहुंच और बैंकों तथा राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय का आह्वान किया।
वित्तीय समावेशन में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए डॉ. मजूमदार ने कहा कि समूच पूर्वोत्तर क्षेत्र में 131 नई बैंक शाखाएं खोली गई हैं और 126 एटीएम स्थापित किए गए हैं। पहचान किए गए 9,479 गांवों में से 6,905 गांव, या लगभग 73 प्रतिशत, अब बैंक शाखा या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जुड़ गए हैं।
क्षेत्र में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात (ऋण-जमा अनुपात) पर चिंता व्यक्त करते हुए, डॉ. मजूमदार ने कहा कि मणिपुर और असम 79.5 प्रतिशत के राष्ट्रीय अनुपात या उससे ऊपर हैं, जबकि मिजोरम और कई अन्य पूर्वोत्तर राज्य पीछे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय बचत को स्थानीय निवेश और व्यावसायिक अवसरों में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।
ऋण प्रवाह में सुधार के लिए, डॉ. मजूमदार ने बैंक-विशिष्ट ऋण लक्ष्यों, राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों के माध्यम से नियमित समीक्षा, विश्वसनीय भूमि रिकॉर्ड, पात्र कासा खातों(चालू खाते और बचत खाते का संयुक्त रूप)की पूर्ण आधार सीडिंग (आधार सीडिंग का अर्थ है 12 अंकों के आधार नंबर को बैंक खाते या किसी सरकारी डेटाबेस से जोड़ना कि पहचान का सत्यापन और सीधे सरकारी लाभ मिल सके) और पीएम स्वनिधि योजना में व्यापक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने बैंकों को किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों-एमएसएमई,महिला उद्यमियों और पर्यटन उद्यमों के व्यावहारिक ऋण प्रस्तावों की सक्रिय रूप से जांच करने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. मजूमदार ने रेखांकित किया कि 2,574 गांवों को बैंक सेवा से जोड़ना बाकी है। इनमें से 2,515 गांवों को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से और 59 गांवों को भौतिक रूप से मौजूद बैंक शाखाओं के माध्यम से जोड़ा जाना है। उन्होंने राज्य सरकारों और बैंकों से स्पष्ट समय-सीमा तय करने और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार में तेजी लाने को कहा।
पूर्वोत्तर में बैंकिंग विस्तार तेज और ऋण उपलब्ध कराने में सुधार हो – डॉ. सुकांत मजूमदार













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