(जिला नदिया)
सीमा सुरक्षा बल, देश की सीमाओं के साथ-साथ सीमावासियों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहती है फिर चाहे वो कोरोना काल हो या साधारण परिस्थिति। इसी तरह की एक मिशाल दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत 86वीं वाहिनी के जवानों ने पेश की है जोकि नदिया जिले में भारत–बांग्लादेश की सीमा पर तैनात है।
दिनाँक 23 मई, 2023 को शिकारपुर गांव की एक महिला सीमा प्रमाणिक (उम्र 22) पति संजय प्रमाणिक घर में पारिवारिक कलह की वजह से सीलिंग फैन से लटक गयी। महिला के घरवालों ने तुरंत उसे सीलिंग फैन से उतारा लेकिन तब तक वह बेहोश हो चुकी थी। महिला के परिजन आनन–फानन में सीमा चौकी शिकारपुर के कंपनी कमांडर के पास मदद के लिए पहुंचे और घटना के बारेमें बताया। कंपनी कमांडर ने तुरंत एक नर्सिंग सहायक को बीएसएफ एंबुलेंस के साथ उक्त महिला के घर भेजा। वहां से बेहोश महिला को करीमपुर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया। महिला की स्थिति अभी ठीक बतायी जा रही है।
सीमा प्रमाणिक के परिजनों ने इस मानवीय कार्य के लिए सीमा सुरक्षा बल का आभार व्यक्त किया और कहा कि बीएसएफ हमारे सुख–दुख में हमेशा देवदूत की तरह प्रकट होती है।
86वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने जवानों के इस सराहनीय कार्य पर खुशी जताई और कहा कि सीमा सुरक्षा बल सीमा पर होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के साथ–साथ सीमावासियों के हर सुख–दुख में साथ रहती है जिससे सीमा सुरक्षा बल और आम जनता के बीच मधुर संबंध बने रहते हैं।












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