पुराने हिंदू मंदिरों और मठों के जीर्णोद्धार के लिए 1,000 करोड़ रुपये का फंड
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ‘तीर्थ क्षेत्र सर्किट’ (Pilgrimage Circuit) बनाने की घोषणा की। इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है, जिसका इस्तेमाल अगले दो वर्षों में राज्य के पुराने हिंदू मंदिरों और मठों के जीर्णोद्धार (renovation) के लिए किया जाएगा। शुक्रवार को नदिया जिले में एक सामुदायिक काली पूजा के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “बंगाल सरकार अगले दो वर्षों में सभी पुराने हिंदू मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए 1,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मैंने इसे ‘तीर्थ क्षेत्र सर्किट’ नाम दिया है। इन प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार धार्मिक संस्थाओं और आम जनता के सहयोग से किया जाएगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केदार धाम, बद्रीनाथ धाम, अयोध्या धाम, बनारस और उज्जैन महाकाल में किए गए कार्यों का उदाहरण भी दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में आने वाले धार्मिक त्योहारों के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “हमने हुगली जिले के चंदननगर और नदिया जिले के कृष्णानगर को आगामी जगद्धात्री पूजा के लिए विशेष रूप से सजाने की पहल की है। साथ ही, हमने नदिया जिले के नबद्वीप और शांतिपुर तथा कूचबिहार को ‘रास पूर्णिमा’ त्योहार के लिए विशेष रूप से सजाने का निर्णय लिया है।” राज्य सरकार ने इस साल के गंगासागर मेले को ‘अंतरराष्ट्रीय मेला’ घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मैं स्वयं भगवान चैतन्य महाप्रभु की जन्मस्थली पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होऊँगा।”














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