मुख्य बातें :
- राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने इसे ‘ऐतिहासिक दिन‘ बताया
- कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी – शमिक भट्टाचार्य
- जल्दी ही अन्य क्षेत्रों में भी बीजेपी ट्रेड यूनियन का विस्तार होगा
कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पूरे देश में अपना खुद का श्रमिक संगठन बनाने की पहल कर दी। इससे पहले भारतीय मजदूर संघ को ही भाजपा का करीबी श्रमिक संगठन माना जाता था। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पार्टी के पहले ट्रेड यूनियन की शुरुआत करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ करार दिया। उन्होंने अन्य कई क्षेत्रों में भी इसी तरह के संगठन बनाने की घोषणा की।
हवाई अड्डे पर यूनियन के उद्घाटन के मौके पर बंसल ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि बीजेपी का पहला ट्रेड यूनियन आधिकारिक तौर पर यहीं से शुरू हो रहा है।” इस कार्यक्रम में पार्टी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। बंसल ने कहा कि यह नया यूनियन कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह संगठन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले पांच वर्षों में पश्चिम बंगाल देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार एक विकसित पश्चिम बंगाल के सपने को पूरा करने की दिशा में काम करेगी।”
भट्टाचार्य ने बताया कि हवाई अड्डे पर संविदा कर्मचारियों (कॉन्ट्रैक्ट वर्करों) का यह यूनियन इसलिए बनाया गया है ताकि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से पश्चिम बंगाल में नया निवेश आ रहा है।
उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा और श्रम का मूल्य बढ़ेगा।” उन्होंने आगे कहा कि राज्य की पहचान ‘सस्ते श्रम’ (चीप लेबर) वाले क्षेत्र के रूप में खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, “राज्य से श्रम, पूंजी और प्रतिभा के पलायन को रोका जाएगा।”
बीजेपी के राज्यसभा सांसद ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में गिरावट के लिए ‘उग्र ट्रेड यूनियनवाद’ (मिलिटेंट ट्रेड यूनियनिज्म) को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि राज्य अब अपनी पुरानी कार्यप्रणालियों को जारी नहीं रख सकता। उन्होंने कहा, “अगर किसी को लगता है कि पिछले 49 वर्षों से राज्य में जो कुछ भी होता रहा है, वह आगे भी जारी रहेगा, तो वे गलतफहमी में हैं।” भट्टाचार्य ने कहा, “हमने बहुदलीय प्रणाली को अपनाया है और सामाजिक बहुलवाद को स्वीकार किया है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि असहमति जताने का अधिकार लोकतंत्र की एक बुनियादी शर्त है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए दबाव डालने का अधिकार है, लेकिन साथ ही उनकी यह जिम्मेदारी भी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यों से हवाई अड्डे के कामकाज पर कोई असर न पड़े।
ममता बनर्जी की पिछली सरकार द्वारा दिए गए नारों ‘डेस्टिनेशन बंगाल’ और ‘बंगाल मीन्स बिजनेस’ का जिक्र करते हुए, भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा सरकार इन्हें हकीकत में बदल देगी। उन्होंने दावा किया कि दुनिया भर में रहने वाले भारतीयों (NRI) सहित कई निवेशक राज्य में निवेश के प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं, जबकि पहले से मौजूद कारोबारी घराने अपने कामकाज का विस्तार कर रहे हैं। राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए पिछली टीएमसी सरकार ने ‘बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट’ (BGBS) के कई संस्करण आयोजित किए थे।
भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि भाजपा राज्य में कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने कहा, “वेतन से जुड़ी जायज मांगें रखने पर किसी में इतनी हिम्मत नहीं होगी कि वह आपसे कहे कि आप कुत्तों की तरह भौंक रहे हैं।” उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस कथित टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग करने पर कहा था कि वे “भौंक” रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों से अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आग्रह किया, लेकिन साथ ही यह भी ध्यान रखने को कहा कि उनके किसी भी कदम से राज्य की छवि खराब न हो।













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