नगर निगम और पालिका चुनाव से पहले सक्रिय हुयीं पूर्व मुख्यमंत्री
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में नगर निगम और पालिकाओं के चुनाव कराने के प्रक्रिया दुर्गा पूजा के बाद ही शुरू किए जाने की संभावना है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर से सक्रिय हो गई हैं। शनिवार को हुगली जिले में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की मांग करते हुए यह संकेत दिया कि वह इसके लिए बड़ा आंदोलन करने को तैयार हैं और इसके लिए वह भाजपा विरोधी अन्य राजनीतिक दलों का भी साथ दे सकती हैं। रैली मंच से ममता ने भाजपा विरोधी दलों को एकजुट होने का भी संदेश दिया।उन्होंने कहा कि किसी दल की पहचान को सामने रखकर नहीं, बल्कि जिन मुद्दों पर विचारों में समानता है, उन मुद्दों पर सभी को मिलकर लड़ाई लड़नी चाहिए।इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि माकपा के महासचिव एम.ए।बेबी से उनकी फोन पर बातचीत हुई है।उन्होंने विपक्षी दलों के बीच जल्द बैठक किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि SIR में विभिन्न राज्यों में वोटरों का नाम काटे जाने के खिलाफ कांग्रेस भी आंदोलन कर रही है और पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के नेता भी आंदोलन के लिए तैयार हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आंदोलन के माध्यम से अगर ममता बनर्जी, कांग्रेस और वाममोर्चा के और निकट आती हैं तो भविष्य में पश्चिम बंगाल में भाजपा के खिलाफ एक बड़ा फ्रंट तैयार हो सकता है।
हुगली में शनिवार को पार्टी की रैली के दौरान ममता ने मांग की है कि ज्ञानेश को जाना होगा, जब तक यह मुद्दा हल नहीं हो जाता, पार्टी उनका विरोध करती रहेगी। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा।उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए उन्हें ‘वैनिश कुमार’ नाम दे दिया।ममता बनर्जी का दावा है कि राज्य की वोटर लिस्ट से लाखों असली मतदाताओं के नाम गायब कर दिए गए हैं।जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र की बीजेपी सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। इस साल के चुनावों में बंगाल पर राजनीतिक नियंत्रण हासिल करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर का सहारा लिया गया।
ममता की पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा है कि सिर्फ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है। लंबी कानूनी खींचतान के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट की अनुमति से शनिवार को श्रीरामपुर के कोर्ट मैदान में ममता बनर्जी की सभा हुई। पार्टी में विभाजन के बाद यह उनका पहला बड़ा जिला दौरा था। श्रीरामपुर की सभा में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी बड़ी मौजूदगी रही। सांसद कल्याण बनर्जी, पूर्व विधायक असित मजूमदार, बैश्वानर चट्टोपाध्याय, दोला सेन, प्रियंका अधिकारी, उपासना चौधरी समेत पार्टी के कई नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता सभा में उपस्थित रहे।
‘मुझे नजरबंद कर दिया गया’
श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में आयोजित रैली में जाने से पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगााय कि बीजेपी ने तृणमूल की रैली स्थल तक जाने वाले रास्ते पर कब्जा कर लिया, वहां कोई पुलिस नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। रैली से पहले पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें रैली स्थल तक नहीं जाने दे रही है। ममता की इस रैली में शामिल होने जा रहे TMC विधायक कुणाल घोष की कार पर कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके गए। MLA कुणाल घोष पर हुए हमले को लेकर उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार फिर अपील करती हूं – कृपया सहयोग करें। बंगाल में अशांति न फैलाएं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक हम आज श्रीरामपुर में एक मीटिंग कर रहे हैं, लेकिन हमारे लोगों को बुरी तरह पीटा जा रहा है और उन्हें रास्ते में रोका जा रहा है।













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