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खट्टी डकार या एसिडिटी की समस्या गंभीर हो जाती है तब खाया हुआ खाना मुंह में वापस आने लगता है या खटास महसूस होने लगती है। इसके पीछे का कारण पेट और फूड पाइम के बीच का वेल्व होता है, जोकि कमजोर होने पर भोजन और एसिड को फूड पाइम में जाने से रोकने की क्षमता खो देता है।

फूड लवर्स के लिए नए-नए रेस्तरां में जाकर खाना या तरह-तरह के व्यंजन का मजा उठाना उनकी जीवनशैली में जुड़कर रह गया है। ऐसे में उनके इस मजे पर पानी फिर जाता है, जब उन्हें कई तरह की बीमारियां या समस्या अपना शिकार बना लेती हैं। इसके अलावा जिन लोगों की लाइफस्टाइल बेहद खराब है वो भी कई बीमारी और समस्या की चपेट में आ जाते हैं। खराब या गलत खाने के कारण बदहजमी, एसिडिटी, गैस और खट्टी डकार जैसी समस्या होना आम बात है। हालांकि, इन समस्याओं को अगर नजरअंदाज किया जाए तो हम खुद के लिए ही एक बड़ी समस्या खड़ी कर सकते हैं।

ओवरइटिंग, गलत या खराब खानपान, सिगरेट या शराब का सेवन और जंक फूड का सेवन करने से सीने में जलन, गैस या खट्टी डकार जैसी समस्याएं हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जब खट्टी डकार या एसिडिटी की समस्या गंभीर हो जाती है तब खाया हुआ खाना मुंह में वापस आने लगता है या खटास महसूस होने लगती है। इसके पीछे का कारण पेट और फूड पाइम के बीच का वेल्व होता है, जोकि कमजोर होने पर भोजन और एसिड को फूड पाइम में जाने से रोकने की क्षमता खो देता है। आइए जानते हैं कि खाना खाने के तुंरत बाद ही क्यों खट्टी डकार आती है और एसिडिटी की समस्या से कैसे राहत पाई जा सकती है…

कब मिलते हैं एसिडिटी गंभीर होने के संकेत?

– जब आपके मुंह में खट्टा पानी आने लगे।

– सीने में जलन की समस्या होने लगे।

– मुंह में कड़वाहट होने लगे।

– दांतों के रंग में बदलाव होने लगे।

– मुंह से अधिक बदबू आने लगे।

खट्टी डकार क्यों आती है?

विशेषज्ञों के अनुसार अधिक मसालेदार या ताला हुआ भोजन खाने से पेट में गैस्ट्रिक एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ने लगती है। ऐसे में पेट संबंधित कई समस्या होनी शुरू हो जाती है, जैसे- एसिडिटी, पेट में दर्द, सीने में जलन, खट्टी डकार आदि। अनहेल्दी फूड का सेवन करने से शरीर का PH लेवल भी ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे खट्टी डकार और बदहजमी की समस्या शुरू हो जाती है।

ऐसे लोगों को होती है अधिक परेशानी

1. जिन लोगों का ज्यादा वजन होता है।

2. जिनकी गर्दन छोटी होती है।

3. जो धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करते हैं।

4. जो ज्यादा मसालेदार भोजन खाते हैं।

5. गर्भवती महिला को भी ये समस्या ज्यादा हो सकती है।

6. दिनभर बैठे रहने वाले काम करने वाले लोगों को भी ये समस्या ज्यादा रहती है।

ऐसे मिल सकती है खट्टी डकार और एसिडिटी से राहत

ठंडा दूध- बदहजमी और एसिडिटी की समस्या से राहत पाने के लिए आप ठंडा दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड से गैस्टिक एसिड के उत्पादन को कम कर पीएच लेवल को कम किया जा सकता है। जब भी आप बदहजमी या एसिडिटी की समस्या से परेशान हों तो ठंडा दूध का सेवन कर लें, इससे आपको राहत मिल सकती है।

दही- दूध के कोएग्युलेशन से दही बनती है। इसमें मौजूद कैल्शियम एसिडिटी से राहत दिलवाने में मदद करता है। इसके अलावा दही में गुड बैक्टीरिया भी मौजूद होता है, जिससे भोजन को हजम करने की शक्ति में मदद मिलती है। आप चाहें तो दही की जगह छाछ का भी सेवन कर सकते हैं।

गुड़- खट्टी डकार आने पर गुड़ का सेवन कर सकते हैं। इससे आपको थोड़ी देर बाद राहत मिल सकती है। गुड़ में मौजूद डाइजेस्टिव एन्जाइम खाने को जल्दी हजम करता है।

एसिडिटी से बचने के तरीके

– वजन पर नियंत्रण रखें।

– रोजाना एक्सरसाइज करें।

– कम मसाले का खाना खाएं।

– रात का खाना खाने के बाद एक घंटा जरूर वॉक करें।

– रात को खाने और सोने के समय पर 2 घंटे का अंतर रखें।

– भूख लगने पर पैकेट प्रोडक्ट से बेहतर है कि फल या सब्जियों का सेवन करें।

– कोल्ड ड्रिंक्स की जगह घर का बना फल या सब्जी का जूस पीएं।

डॉक्टर से कब करें संपर्क

अगर इन सब तरीकों को अपनाने के बाद भी खट्टे डकार या एसिडिटी की समस्या सही नहीं हो रही है तो आपको गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर आपको बेहतर सलाह दे सकते हैं।

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