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विश्व बैंक द्वारा बुधवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान चीन ने 59.5 अरब डॉलर का धनप्रेषण हासिल किया, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 68.3 अरब डॉलर था। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के लिए धनप्रेषण में 2020 के दौरान महज 0.2 प्रतिशत की कमी हुई।

वाशिंगटन। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान बावजूद भारत को 2020 में विदेश से धनप्रेषण के रूप में 83 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि मिली, जो इससे पिछले वर्ष के मुकाबले सिर्फ 0.2 प्रतिशत कम है। विश्व बैंक द्वारा बुधवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान चीन ने 59.5 अरब डॉलर का धनप्रेषण हासिल किया, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 68.3 अरब डॉलर था। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के लिए धनप्रेषण में 2020 के दौरान महज 0.2 प्रतिशत की कमी हुई और ऐसा संयुक्त अरब अमीरात से होने वाले धनप्रेषण में 17 प्रतिशत की कमी के चलते हुआ। हालांकि, इस दौरान अमेरिका से भारत को पर्याप्त राशि भेजी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि धनप्रेषण के लिहाज से भारत और चीन के बाद मेक्सिको (42.8 अरब डॉलर), फिलीपींस (34.9 अरब डॉलर), मिस्र (29.6 अरब डॉलर), पाकिस्तान (26 अरब डॉलर), फ्रांस (24.4 अरब डॉलर) और बांग्लादेश (21 अरब डॉलर) का स्थान है। पड़ोसी पाकिस्तान में इस दौरान धनप्रेषण 17 प्रतिशत बढ़ा, जिसमें सबसे अधिक योगदान सऊदी अरब का था। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और यूरोपीय संघ के देशों से भी धनप्रेषण में बढ़ोतरी हुई। इसी तरह 2020 में बांग्लादेश के लिए धनप्रेषण 18.4 प्रतिशत और श्रीलंका के लिए धनप्रेषण 5.8 प्रतिशत बढ़ा। इसके विपरीत नेपाल को धनप्रेषण में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट आई।

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