पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी

पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी

- in समाज
387
0

पर्यावरण और जीवन का अनोखा संबंध हैं। दुर्भाग्य से कुछ लोगों का ये मानना है कि केवल सरकार और सामान्य तौर पर बड़ी कंपनियों को पर्यावरण के संरक्षण के लिए कुछ करना चाहिए। ये सत्य नहीं हैं। वास्तव में हरेक व्यक्ति पर्यावरण को प्रदूषण, अवशेषों, सभी प्रकार के कचरे से होने वाली गंदगी और बढ़ती आबादी से इसकी रक्षा करने में सक्षम हैं।

वास्तव में “गो ग्रीन ” कहने के लिए ही नहीं बल्कि करने में भी आसान हैं। आज के समय में पर्यावरण का ध्यान रखना हर किसी की जिम्मेदारी और अधिकार होना चाहिए और विशेषकर आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण का संरक्षण बहुत जरुरी हैं। कोई भी व्यक्ति जरा सी इच्छा रख और थोड़े से प्रयास से पर्यावरण को सुरक्षा और संरक्षण दे सकता हैं।

जल ही जीवन है। स्वच्छ और ताजा पानी समय के साथ ओर अधिक से अधिक कीमती होता जा रहा है और अगर हम अब तक इसे बचाने के लिए कुछ भी नहीं कर रहे है तो भविष्य में पानी सोने से अधिक कीमती होगा। इसलिए ये महत्वपूर्ण है कि जो कुछ भी हम कर सकते है इसे बचाने के लिए और पानी के प्रदूषण को रोकने के लिए वो अधिक प्रयास के साथ करना चाहिए। जब भी हम ब्रश करें नल बंद रखें, स्नान के समय कम पानी खराब करें , वाशिंग मशीन का उपयोग केवल तब करें जब कपड़े ज्यादा हो। तेल और रंग नालियों में नहीं बहाना चाहिए क्योंकि वे नदियों और अंत में समुद्र को गंदा करता हैं।

एक बार जब हम एक बिजली के उपकरण का उपयोग कर चुके हो तब उसे बंद कर दें। इससे आप अपने बिजली के बिल को ही नहीं बल्कि ऊर्जा को भी बचाएंगे। ऊर्जा को बचाने के लिए आजकल एलईडी बल्ब आ गए हैं, उन्हें अपने घर के बल्ब से बदल दें। एक बार जब हम कार्यालय छोड़ देते हैं, अपने कंप्यूटर और मॉनिटर को बंद करके निकले। इस तरह से करने से आप बिजली की खपत को कम करने में मदद करेंगे।

ऐसे उत्पादों को खरीदने की कोशिश करें जो पुनरावृत्ति करने में सक्षम हो। कांच, कागज , प्लास्टिक या धातु , इन सभी चीजों को फिर से इस्तेमाल किया जा सकता हैं।खाली जार , शराब की बोतलें , टूटा चश्मा और अन्य कोई वास्तु जो कांच से बनी हो और अब उपयोगी नहीं है ऐसी चीजों की पुनरावृत्ति होनी चाहिए। इसके अलावा पुराने अखबारों , खराब कागज , गत्ता आदि की पुनरावृत्ति की जानी चाहिए।

पेड़ ऑक्सीजन का सबसे बड़ा स्रोत होते हैं और हम उन्हें उगाने के बजाय काट देते हैं। हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए तो जीवन में काफी सुधार होगा। हवा साफ़ होगी, पेड़ों की संख्या वापस सामान्य हो जाएगी, प्रदूषण ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस प्रभाव कम हो जाएगा।

आज हम जो सब्जियां खाते हैं वो रसायनों और कीटनाशकों के साथ उगाई जाती हैं। अगर हम रसायनों और कीटनाशकों का उपयोग किए बिना स्वयं सब्जियों लगाए, तो हमें अच्छी सब्जियां खाने को मिलेंगी।ये हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद होगी।

धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। ये हृदय रोगों को बढ़ावा देता हैं। ये हवा के प्रदूषण को भी बढ़ा देती हैं। धूम्रपान ना करने से वायु प्रदूषण को कम करके पर्यावरण को बचाया जा सकता हैं।

आज वाहनों के कारण खूब प्रदूषण बढ़ रहा है। यदि आप अपने वाहनों का सही से ख्याल रखें और समय-समय पर प्रदूषण की जांच करवाएं तो आप पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं।

You may also like

चीन को मोदी की दो टूक- बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा भारत, देश के लिए जो जरूरी, वो करेंगे

लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ झड़प के